सेवा, संवेदना और सादगी का संगम: मौनी अमावस्या पर पेटलावद में अन्न वितरण, डॉक्टर दादू महाराज को तीर–कामठी भेंट | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

सेवा, संवेदना और सादगी का संगम: मौनी अमावस्या पर पेटलावद में अन्न वितरण, डॉक्टर दादू महाराज को तीर–कामठी भेंट | New India Times

सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को आत्मसात किए हुए डॉक्टर दादू महाराज संस्थान, पेटलावद द्वारा प्रत्येक अमावस्या को निर्धन बस्तियों में भोजन वितरण की पुण्य परंपरा निरंतर जारी है।

सेवा, संवेदना और सादगी का संगम: मौनी अमावस्या पर पेटलावद में अन्न वितरण, डॉक्टर दादू महाराज को तीर–कामठी भेंट | New India Times

इसी क्रम में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संस्थान द्वारा वर्मा परिवार के सहयोग से उनके सबसे छोटे सुपुत्र रुद्विक वर्मा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में खोरिया फलिये में सादगीपूर्ण भाव से खिचड़ी का वितरण किया गया।

सेवा, संवेदना और सादगी का संगम: मौनी अमावस्या पर पेटलावद में अन्न वितरण, डॉक्टर दादू महाराज को तीर–कामठी भेंट | New India Times

सेवा भाव से ओतप्रोत इस आयोजन में संस्थान के सभी सदस्य पूर्ण निष्ठा के साथ उपस्थित रहे और मानव सेवा का संदेश जन-जन तक पहुँचाया।

डॉक्टर दादू महाराज को तीर–कामठी भेंट

इसी अवसर पर पेटलावद से संस्थान के सदस्य डॉक्टर दादू महाराज के जन्मदिवस पर इंदौर पहुँचे और उन्हें तीर–कामठी भेंट कर हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित कीं।

इस वर्ष इंदौर में दूषित जल से हुई दुःखद मृत्यु की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर दादू महाराज ने अपना जन्मदिवस अत्यंत सादगी एवं संवेदना के साथ मनाया।

उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक-संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना व्यक्त की।

वर्मा परिवार बना लाभार्थी

विदित हो कि इस बार पेटलावद संस्थान के प्रमुख श्री अशोक वर्मा के पोते रुद्विक (पिता श्री अभिषेक वर्मा) के जन्मोत्सव पर वर्मा परिवार इस अन्न प्रसादी का लाभार्थी बना।

इनकी रही उपस्थिति

इस सेवा एवं श्रद्धा के अवसर पर संस्थान के सदस्य अशोक वर्मा, सुरेश मुथा, महेश भटेवर, पिंटू, हरीश राठौर, दीपक राठौड़, मनोज परमार, सुमन सोलंकी, सीता ठाकुर, गोकुल लोहार, पीयूष राठौड़, हरिओम राठौर, अर्जुन ठाकुर सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सच्चा उत्सव वही है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक करुणा और सेवा का प्रकाश पहुँचाए।

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