नव जागृति स्कूल का वार्षिक खेल उत्सव मनाया गया शानोंशौक़त से | New India Times

इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

नव जागृति स्कूल का वार्षिक खेल उत्सव मनाया गया शानोंशौक़त से | New India Times

प्रदेश के नामी एजुकेशन संस्थानों में शुमार दमोह जिले के नव जागृति स्कूल का वार्षिक खेल उत्सव बड़े ही शनोंशौक़त के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपने अभिभावकों की मौजूदगी में स्कूल परिसर में मनाया। इस मौके पर स्कूली व छात्रछात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा खेल प्रतियोगिताएं में भी हिस्सा लिया। प्रतिवर्ष होने वाले इस विशाल आयोजन में देश की गंगा जमुनी संस्कृति की झलक भी देखने मिली सभी वर्ग के लोगों की मौजूदगी से कार्यक्रम में चार चाँद लग गए इस समारोह का आकर्षण रहे स्कूली बच्चों का पंजाबी नृत्य भांगड़ा बच्चों  कार्यक्रम देख उपस्थित अतिथी और बच्चों के परिजनों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

नव जागृति स्कूल का वार्षिक खेल उत्सव मनाया गया शानोंशौक़त से | New India Times

वहीं कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार नंद लाल सिंह परिहार जब बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्य अतिथि ने खेल महोत्सव का शुभारंभ ध्वजारोहण कर किया और खुले आसमान में रंग बिरंगे ग़ुब्बारे छोड़े  बच्चों ने परेड में हिस्सा लिया और मुख्य  अतिथि को बच्चों ने परेड  करते हुए सलामी दी वहीं बच्चों ने सामूहिक पी टी एवं नृत्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

बड़े ही उत्साह पूर्वक अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान शाला परिवार के समस्त शिक्षक शिक्षिकायें और प्रबंधन समिति के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रथम चरण में मुख्य  अतिथि का शाला परिवार की ओर पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया वहीं संस्था के डायरेक्टर आर डी लाल एवं नव जागृति एजुकेशन सोसायटी की डायरेक्टर डॉ. श्रीमति शीला लाल और सानित लाल का भी पुष्प गुच्छ से शाला परिवार के सदस्यों ने स्वागत किया।
इस अवसर पर समापन समारोह की मुख्यि अतिथि शाला की पूर्व डायरेक्टर डॉ. श्रीमति मंजुला वर्नवास रही। कार्यक्रम का सफल संचालन के एल एस सिंह एवं प्रतिमा प्रसाद नें किया वहीं कार्यक्रम का आभार शाला की प्राचार्या रूबीना डेनियल ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पत्रकार नंदलाल सिंह नें नव जागृति स्कूल एजुकेशन सोसायटी के संबंध में प्रमुख व देते हुए उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कहां कि नव जागृति संस्थान एक ऐसी संस्थान है जिसने अब तक न जाने कितने होनहार व्‍यक्तियों के भविष्य का निर्माण किया जो आज सारे देश में अपना व अपने जिले का नाम रोशन कर रहे हैं मुझे फक्र है कि मैं भी इसी स्कूल का एक छात्र रहा हूं ।

(मैं अपने घर आया हूं मगर अंदाज तो देखें)
(अपने आपको मानिंदे मेहमाँ लेके आया हूं): नंद लाल सिंह

नव जागृति स्कूल के वार्षिक खेल उत्सव में  में पहुँचे पत्रकार नंद लाल सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा  इस विद्यालय की एक गरिमा है और यह शहर की एक पहचान है। यहां से पढ़कर निकलकर लोग देश और दुनिया के विभिन्न भागों में लोग अपना जीवन यापन कर अपना रोजगार चला रहे हैं और साथ ही जिले का नाम रौशन कर रहे हैं।

मैं फक्र के साथ इस बात को कहता हूं कि मैं नव जागृति शाला का छात्र रहा हूं दमोह के शैक्षणिक सामाजिक विकास में लाल परिवार का एक अमूल्य योगदान रहा है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता एक तरह से दमोह शहर जिन नामों से अन्य शहरों, प्रान्तों राजधानियों में जाना पहचाना जाता है उनमें से एक यह परिवार भी है जो दमोह की एक पहचान है।

यहां आना एक परिवार के सदस्य के रूप में अपने आपकों फक्र के काबिल महसूस करता हूं समय विपरीत है बहुत सारी चीजे एक साथ इस परिवार से जुड़े संस्थानों के साथ  चल रहीं है आप सब परिचित होगें यही कारण है कि इस आमंत्रण को मुझे स्वीकार करना पड़ा। मुख्य अतिथि श्री सिंह ने बच्चों और उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए प्रोफेसर जगन्नाथ का शेर पढ़ा।

मैं अपने घर आया हूं मगर अंदाज तो देखें। अपने आपको मानिंदे मेहमा लेके आया हूं। इसके बाद खेल के संबंध में उन्होंने कहा खेल हमें एकता के सूत्र में बाँधता है लेकिन आजकल खेल की प्रतियोगिता को आजकल कड़ा मुकाबला या महा संग्राम जैसे शब्दों से संबोधित करते है तो पीड़ा होती है आयोजकों ने तो अब साहित्य कला को भी नहीं बख्शा उसमें भी सुरों का संग्राम बोलने लगे।

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