नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

विश्व साइकिल दिवस को दुनियाभर में कई देशों ने स्वस्थ सेहत और पर्यावरण पूरक मानवी व्यवहार के रूप मनाया. वैश्विक बाजार में जहाँ कच्चे तेल के दाम प्रति बैरल 124 होने के बाद भी भारत में केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल डीजल की कीमतों में बंपर (लाफ्टर) छूट देकर जनता की सरकार के प्रति अपार श्रद्धा का सम्मान किया गया. वैसे विश्व महंगाई दिवस घोषित करने की कल्पना दुनिया के किस कोने से आएगी ये हमें पता नहीं, खैर साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में देश के लगभग सभी राज्यों के जनपदों और तहसीलों में सरकारी, संस्थागत प्राधिकरणों, सार्वजनिक तथा पार्टी स्तर पर साइकिल रैलियों का आयोजन किया गया. महाराष्ट्र विधि सेवा प्राधिकरण की सूचना पर जिले कि तहसील विधि इकाइयों ने साइकिल रैलियां निकाली. जामनेर में विधि सेवा समिति वकील संघ साइकिलिस्ट ग्रुप ने संयुक्त तत्वावधान में 8 किमी की साइकिल रैली का मंचन किया. निगम तिराहे से पास के गांव टाकली पहुँचे राइडर्स ने ग्रामीणों से संवाद किया जिसमें अभियुक्तों के अधिकार और लीगल सर्विसेज ऑथोरिटी एक्ट 1987 के विषय में मार्गदर्शन कर तर्कों का आदान प्रदान किया. रैली में सरकारी अधिवक्ता एडवोकेट अनिल सारस्वत, प्रदीप शुक्ल, दिलीप सूर्यवंशी, संजय झालटे, दर्शन महाजन, प्रशांत महाजन, उमेश पाटील, दीपक महाजन, मनोज माली, रितेश पाटील, रूपेश पाटील, डॉ आर के पाटील, विकास थोरात, डॉ राजेश सोनावणे, महेश उदार समेत न्यायालयीन कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. विदित हो कि सूबे के शहरी इलाकों में तालाबंदी के फुरसत में साइकलिंग का ट्रेंड शुरू हुआ. बच्चे युवा बुजुर्ग आयु वर्ग के घटक इस ट्रेंड से जुड़े इसमें पुरानी 22 और 24 इंच हाईट की साइकिलों की जगह स्पोर्ट्स साइकिल्स ने ली जिनकी कीमत 15 हजार से डेढ़ लाख रुपयो तक है.
कब पूरी होगी स्टेडियम की मांग: 2004 से शहर में इनडोर क्रीड़ा स्टेडियम की मांग की जा रही है. अपने बेस्ट फिजिकल फिटनेस के लिए सैकड़ों बार मीडिया में इंटरव्यू दे चुके क्षेत्र के विधायक गिरीश महाजन से क्रीड़ा प्रेमीयो की ओर से लगातार अपील की जा रही है कि इनडोर क्रीड़ा स्टेडियम के लिए शाश्वत प्रयास किए जाएं.
