लियाक़त शाह, भुसावल/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भुसावल तहसील से सटे वरणगांव में बुधवार को वैज्ञानिक विकास के लिए विक्रम साराभाई इनोवेशन सेंटर का शुभारंभ किया गया. देश के 21 स्कूलों का चयन किया गया जिसमें महाराष्ट्र का एकमात्र वरणगांव के महात्मा गांधी विद्यालय को चुना गया है. रमन साइंस टेक्नोलॉजी फाउंडेशन गुजरात द्वारा संचालित नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर साइंटिस्ट्स ने डॉ. चंद्रमौली जोशी की अवधारणा के तहत देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में 21 स्कूलों को गोद लिया है. इस प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करने और विज्ञान के क्षेत्र में रुचि पैदा करने पर जोर दिया जाएगा. केंद्र का उद्घाटन महात्मा गांधी विद्यालय में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल की अध्यक्ष वंदना पाटिल ने की एनसीटीएस के राष्ट्रीय सचिव संदीप पाटिल, प्रधानाचार्य वंदना चव्हाण, उप प्राचार्य रूपा कुलकर्णी, पर्यवेक्षक पी.जे. पाटिल, बी.एम. राठौड़,
निदेशक सुनील वानखेड़े आदि उपस्थित थे. एनसीटीएस के राष्ट्रीय सचिव संदीप पाटिल ने बताया कि देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में 21 स्कूलों को एनसीटीएस द्वारा अपनाया गया है और वरंगगांव में महात्मा गांधी विद्यालय महाराष्ट्र में एकमात्र स्कूल है. इस केंद्र के तहत, शिक्षकों और छात्रों को पूरे वर्ष प्रशिक्षित किया जाएगा. वैज्ञानिकों के साथ चर्चा के लिए साल भर विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा और अच्छा प्रदर्शन करने वाले पांच स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा. केंद्र के लिए गणित और विज्ञान की सामग्री जल्द ही उपलब्ध होगी.
एपीजेकेवाईएस महाराष्ट्र के निदेशक सुनील वानखेड़े को ग्रामीण क्षेत्रों के चयन के लिए महात्मा गांधी विद्यालय को प्रमाण पत्र और स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन गोपाल पाटिल ने की और आभार रीता सोलंखे ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की.
