मेहलक़ा अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

हाजियों की सेवा भी हर किसी के भाग्य में नहीं होती, ऊंची किस्मत वालों को हाजियों की सेवा करने का अवसर मिलता है। बेंगलुरु में पुलिस के उच्च पद से सेवानिवृत्त होने के बाद डाॅक्टर श्रीमती मेहर अली के हृदय में हाजियों की सेवा करने की भावना जागृत हुई। यह संयोग ही है कि उनके पति मोहम्मद अली भी पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं और दोनों कपल ने एक ही भावना के साथ हाजियों की सेवा के मिशन को आगे बढ़ाने का प्रण लिया है।
ऑल इंडिया हज वेल्फेयर सोसायटी के चेयरमैन मुकीत खान (खंडवा) ने बताया कि सेवाकाल के दौरान एक बार हज और तीन बार उमरा का सौभाग्य रखने वाली दक्षिण भारत की इस उच्च शिक्षित डॉक्टर महिला के भावनात्मक लगाव को देखते हुए ऑल इण्डिया हज वेलफेयर सोसायटी की कर्नाटक यूनिट में हाल ही में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्त प्रदान की गई है। मेहर अली फाउंडेशन की स्थापना के साथ काउंसिल फार चाइल्ड डेवलपमेंट एंड सीनियर सिटीजन वेल्फेयर की चेयर पर्सन होने के साथ Human Rights Association की कर्नाटक की एडवाइजर भी हैं। श्री मुकीत खान ने बताया कि डॉ. मेहर अली साहिबा का कौम की ख़िदमत का जज़्बा देखते ही बनता है। अनुभव यह बताता है कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी कर्मचारी परिवार सहित अन्यत्र कार्यों में व्यस्त हो जाते हैं और बहुत कम लोग सेवा भावना के साथ हाजियों की सेवा से जुड़ते हैं लेकिन डॉ. मेहर अली साहिबा के उच्च पद पर आसीन और सेवानिवृत्त होने के उपरांत सेवा के इस पुनीत कार्य से जुड़ना एक प्रशंसनीय और सराहनीय कार्य है। उनके पति भी पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं और दोनों की समान रूप से रूचि अपनी कौम के लोगों की खिदमत की है। अपने इस मिशन के लिए दोनों ने संगठन स्थापित किया है। जब उन्हें ऑल इण्डिया हज वेल्फेयर सोसायटी के बारे में पता चला तो सोशल मीडिया के माध्यम से इस संगठन के बारे में जानकारी एकत्रित करके इस सोसायटी से जुड़कर हाजियों की सेवा करने की मंशा व्यक्त की, जिसके तहत इन्हें वहां की जिम्मेदारी प्रदत्त की गई। श्री मुकीत खान ने बताया कि कर्नाटक हज वेल्फेयर सोसायटी की नवनियुक्त कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ.मेहर अली ने अपनी नियुक्ति के 10 दिन के अंदर ही बैंगलौर के समाज सेवकों को लेकर अपनी कमेटी तैयार कर ली। वो हाजियों के लिये प्रशिक्षण (तरबियती) कैम्प भी लगाएंगी, हज से संबंधित जितनी सेवा उनसे बन पड़ेगी वो सब कुछ करने को तैयार हैं। बहुत जल्द अलग-अलग ज़िलों से भी सोसायटी से सक्रिय युवाओं को जोड़ने के साथ ही इंशा अल्लाह महिलाओं का अलग संगठन स्थापित कर उस के माध्यम से वे महिलाओं को जोड़कर उनसे सेवा भावना का काम लेंगी।
डॉ.मेहर अली के हवाले से श्री खान ने बताया कि उन्हें सेवा के कार्यों से आत्म संतोष प्राप्त होता है तथा अपने सेवाकाल में भी सामाजिक कार्यों में उन्होंने सक्रिय रुप से भाग लिया था।
