मध्य प्रदेश राज्य पावर लूम फेडरेशन की ओर से 30,000 मॉस्क का हुआ निःशुल्क वितरण | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश राज्य पावर लूम फेडरेशन की ओर से 30,000 मॉस्क का हुआ निःशुल्क वितरण | New India Times

मध्य प्रदेश राज्य पावर लूम बुनकर सहकारी संघ मर्यादित बुरहानपुर पावर लूम फेडरेशन के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश्वर पाटिल एवं उपाध्यक्ष श्री आरिफ अंसारी नाच ने बताया कि हमारे नेतृत्वकर्ता एवं माननीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के मार्गदर्शन में देश की वर्तमान परिस्थितियों में अपने सामाजिक दायित्व एवं समाज हित में कोरोना की महामारी का मुकाबला करने के लिए 30,000 मास्क बनवा कर निशुल्क वितरित किए गए हैं ताकि इसके माध्यम से जनता को जागरूक किया जा सके । समाज हित के काम में फेडरेशन के संचालक सर्वश्री जयंती नवलखे, श्री दिनकर पाटील, श्री इस्माइल अंसारी, श्री गजेंद्र पाटिल सहित अन्य संचालकों के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ । श्री ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि जहां भारत के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीब जनता को लाभ एवं सहायता पहुंचा रहे हैं वही सहायताओं के साथ मास्क का निशुल्क वितरण भी हमारे समाज को जागरूक करने में एक महत्वपूर्ण कार्य है।

निःशुल्क मास्क वितरण पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इकराम अंसारी गब्बू सेठ ने ली आपत्ती, शासन से जांच कराने की मांग की

मध्य प्रदेश राज्य पावर लूम फेडरेशन की ओर से 30,000 मॉस्क का हुआ निःशुल्क वितरण | New India Times

म.प्र. राज्य पावरलूम बुनकर सरकारी संघ मर्यादित बुरहानपुर के तत्वावधान में आज 30 हजार मास्क निशुल्क बांटे जाने पर आपत्ति उठाते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं फेडरेशन के पूर्व डायरेक्टर इकराम अंसारी गब्बू सेठ ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिस संघ के अध्यक्ष को भ्रष्टाचार के आरोप में शासन ने पदमुक्त कर दिया है वो कैसे संघ के माध्यम से और किस अधिकार से अपनी गतिविधि संचालित कर रहे हैं?
श्री इकराम अंसारी गब्बू सेठ ने कहा कि श्री ज्ञानेश्वर पाटिल को भ्रष्टाचार के आरोप में पद से हटा दिया गया था इसके बाद भी आज भाजपाइयों द्वारा किस अधिकार से यहां से मास्क बांटे गए, इसका खर्च कौन वहन करेगा, ये सब जांच के विषय है।
उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंस का भी इस कार्यक्रम में खुले आम उल्लंघन किया गया, इस पर भी कार्यवाही होना चाहिए। अगर भाजपाई स्वयं का खर्च कर यह पुनीत कार्य करे तो अपने व्यक्तिगत किसी स्थान पर कर सकते थे, किंतु इस मामले में भी भारी घोटाला नज़र आ रहा है। जिस प्रकार शिवराज जी की सत्ता लोलुपता ने इस प्रदेश में कोरोना को बढ़ाने का कार्य किया उसी राह पर चलते हुए यहां के भाजपाई भी सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन कर उसे बढ़ाने का काम कर रहे है। श्री गब्बू सेठ ने इस मामले में हुए तमाम खर्च की जानकारी लेकर इसे कोर्ट में चुनौती देकर न्याय प्राप्त करेंगे।

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