मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

ओम साई विकास प्रतिष्ठान एवं बीबीसी फिल्म प्रोडक्शन महाराष्ट्र स्टेट द्वारा आयोजित महाराष्ट्र साई पद्मश्री पुरस्कार समारोह 2026 में यवतमाल के प्रसिद्ध शायर एवं कवि बेताब को सामाजिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए महाराष्ट्र साई पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह भव्य समारोह परिवार लॉन्स एंड बैंक्वेट हॉल, न्यू रिंग रोड सिटी मार्केट, पवित्र भूमि शिरडी के समीप आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वैशाली माधवराव सोनावणे (नासिक) ने की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सूरज किशोर कालड़ा (अध्यक्ष, नेशनल बॉडी बिल्डर एसोसिएशन महाराष्ट्र राज्य), प्रो. डॉ. सुरेश कुमार गुड्डे, प्रो. डॉ. जितेंद्र पाटिल, दिलीप शेषराव वाघ (नेवासा), प्रसिद्ध नृत्यांगना अनुश्री खांडेकर तथा एडवोकेट इकबाल खान (नासिक) उपस्थित रहे।
इस पुरस्कार समारोह के संस्थापक अध्यक्ष एवं मुख्य आयोजक सुदाम के. संसारे रहे। उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार समारोह लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 275 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि समारोह के दिन ही आयोजक सुदाम के. संसारे का जन्मदिन भी था। इस अवसर पर शायर बेताब ने अपनी विशेष कविता के माध्यम से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
बेताब ने अपनी कविता में कहा—
“मंजिल देखे रास्ता, पैसे नहीं कोशिश कर,
चाहता है दुनिया जीतना, पहले दिल जीतने की कोशिश कर।
शिरडी की पावन भूमि पर समाजसेवा और कला का सम्मान,
महाराष्ट्र साई पद्मश्री पुरस्कार का सबसे अलग है मान।
जिनका नहीं कोई जवाब,
सिल्वर स्क्रीन के जादूगर,
आज ‘बेताब’ की तरफ से जन्मदिन मुबारक हो सुदाम सर!”
इस सम्मान के बाद शायर बेताब को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने उन्हें एक महान कवि बताते हुए उनके साहित्यिक योगदान की सराहना की।
इसके अलावा कवि अविनाश चार्डे, कवयित्री प्रिया दखोडे, कवयित्री प्रगति ठाकरे, कवि किशोर इंगोले, कवयित्री निशा वड़, कवयित्री कविता शिरभते और कवयित्री पेंडसे ताई को भी महाराष्ट्र साई पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अश्विनी बा. सांगले एवं अश्विनी पुरी ने प्रभावशाली ढंग से किया। समारोह के लिए भव्य मंडप, आकर्षक सजावट तथा उपस्थित अतिथियों के लिए शाही भोज की विशेष व्यवस्था की गई थी। संपूर्ण पुरस्कार समारोह बेहद भव्य और अविस्मरणीय रहा।

