संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

जीवन में कभी-कभी मिला एक संयोग ही सफलता की नई कहानी लिख देता है। मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी की युवा निशानेबाज वंशिका तिवारी ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है। महज चार साल पहले बिना किसी अनुभव के शूटिंग शुरू करने वाली वंशिका अब कजाकिस्तान में आयोजित सीनियर वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
दरअसल, वंशिका की शूटिंग यात्रा एक अप्रत्याशित घटना से शुरू हुई। वह अपनी बड़ी बहन के साथ भोपाल में आयोजित अकादमी ट्रायल में पहुंची थीं। उनकी बहन तैयारी के बावजूद आयु सीमा अधिक होने के कारण अयोग्य घोषित हो गईं। ऐसे में वंशिका के पिता ने साहस दिखाते हुए फॉर्म में बड़ी बेटी की जगह वंशिका का नाम दर्ज करवा दिया, जबकि उन्हें शूटिंग का कोई अनुभव नहीं था।

पहले ही प्रयास में दिखा हुनर
पहली बार शूटिंग रेंज पर उतरी वंशिका ने अपनी सटीकता और आत्मविश्वास से सभी को चौंका दिया। कोचों ने उनकी प्रतिभा को तुरंत पहचान लिया और उन्हें अकादमी में चयनित कर लिया। एक अधिकारी ने कहा, “उन्होंने शॉटगन ऐसे उठाई मानो वह इसके साथ ही जन्मी हों।”
लगातार मेहनत से मिली पहचान
पिस्टल स्पर्धाओं में प्रशिक्षण के दौरान वंशिका ने जूनियर स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि अब उन्होंने सीनियर वर्ल्ड कप में जगह बनाई है। यह उपलब्धि उनके साथ-साथ मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी के प्रशिक्षण की गुणवत्ता को भी दर्शाती है।
इस उपलब्धि पर खेल मंत्री विश्वास सारंग ने वंशिका की सराहना करते हुए इसे “अवसर और साहस का उत्कृष्ट उदाहरण” बताया।
पिता बोले— सिर्फ मौका देना चाहा था
वंशिका के पिता ने भावुक होकर कहा, “मैंने सिर्फ उसे एक मौका देना चाहा था, लेकिन यह नहीं सोचा था कि वह इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर लेगी।”
अब वंशिका कजाकिस्तान में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारी में जुटी हैं और अपनी सफलता का श्रेय परिवार व कोचों को देती हैं। उनकी यह कहानी देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभर रही है।

