नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महात्मा फूले जन आरोग्य योजना के लिए देवेंद्र फडणवीस सरकार की तिज़ोरी में फूटी कौड़ी नहीं होने के कारण महाराष्ट्र के सभी सरकारी और धर्मादाय अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड अनिवार्य कर दिया है। अनिवार्यता को लेकर किसी किस्म की कोई सूचना पब्लिक नहीं की है लेकिन गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों को आयुष्मान खिड़की से कार्ड बनवाना पड़ रहा है। न्यू इंडिया टाइम्स ने पहले भी दो बार इस विषय पर रिपोर्टिंग की है।

नितिन किडनी के मरीज़ है मुंबई के जे जे अस्पताल में भर्ती हैं। आज कल में किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन करना पड़ेगा। प्रशासन ने परिजनों से कहा कि तत्काल आयुष्मान योजना खिड़की से केंद्र सरकार की ओर से ऑपरेशन और इलाज़ का अप्रूवल ले लीजिए।
महाराष्ट्र के सैकड़ों अस्पतालों में मुफ्त इलाज़ के लिए धक्के खा रहे ग़रीबों के लिए आयुष्मान की अनिवार्यता इस लिए बहुत खास मायने रखती है क्योंकि कई सारे टेस्ट प्राइवेट लैब्स से करवाने पड़ रहे हैं जो बेहद महंगे पड़ते है।
11 लाख 26 हजार करोड़ रुपए के क़र्ज़ में डुबोए गए महाराष्ट्र की जनता को उनकी पीड़ा से निजाद दिलाने के नाम पर मुसलमानों से नफ़रत करने का डोस देकर हिंदू सम्मेलनों में व्यस्त रखा जा रहा है। विपक्ष में रहते अपनी कीमत बढ़ाकर सत्ता पक्ष के दामों बिक चुके धन के लालची नेता अब मिडल क्लास को पी एम के मन की बात सुना रहे हैं।
समाज के यथार्थवादी मांग कर रहे है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र का आर्थिक श्वेत पत्र प्रकाशित करे। ज्ञात हो कि पैसे के अभाव से देवेंद्र फडणवीस सरकार की सैकड़ों योजनाएं हमेशा के लिए बंद हो चुकी है।

