वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

सीएमओ कार्यालय सभागार में मंगलवार को टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेशन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद रावत भी उपस्थित रहे।
बैठक में टीबी और एचआईवी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि टीबी और एचआईवी दोनों ही गंभीर संक्रामक रोग हैं, जिनकी समय पर पहचान और समन्वित उपचार अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों में टीबी होने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए दोनों कार्यक्रमों के बीच प्रभावी तालमेल से मरीजों को समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
सीएमओ ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर टीबी मरीजों की एचआईवी जांच तथा एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही काउंसलिंग, दवा वितरण एवं फॉलो-अप व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद रावत ने टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेशन की कार्ययोजना तथा जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक के माध्यम से जिले में टीबी मुक्त अभियान को गति देने एवं एचआईवी से प्रभावित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

