अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
वक़्फ़ बोर्ड के उच्च पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद राजधानी भोपाल स्थित ईदगाह के ऐतिहासिक बुर्ज की सुरक्षा और संरक्षण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे ईदगाह परिसर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी हाजी मोहम्मद इमरान ने एक बार फिर मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि ईदगाह का ऐतिहासिक बुर्ज वर्तमान में नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। रोज़ाना वहां शराबखोरी की जा रही है, वहीं कुछ युवक बुर्ज पर बाइक स्टंट करते नजर आते हैं, जिससे न केवल युवाओं की जान को खतरा है बल्कि ईदगाह की सुरक्षा में भी सेंध लग रही है।

हाजी मोहम्मद इमरान ने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद अब तक न तो सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं और न ही संरक्षण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है। ईदगाह परिसर में न सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और न ही साफ-सफाई व निगरानी की उचित व्यवस्था है। चौकीदार की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नाकाम दिखाई दे रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि ईदगाह के आसपास का क्षेत्र झाड़ियों और जंगल में तब्दील हो चुका है, वहीं सीवेज का गंदा पानी परिसर में घुस रहा है, जिससे ऐतिहासिक धरोहर का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। ईदगाह और उसकी पार्किंग को सुरक्षित रखने के लिए बाहरी क्षेत्र में साफ-सफाई और ब्लॉकिंग की सख्त आवश्यकता है।
हाजी मोहम्मद इमरान ने मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड से मांग की है कि तत्काल बुर्ज की साफ-सफाई का कार्य शुरू कराया जाए, बुर्ज पर सुरक्षा दरवाज़े लगाए जाएं और चारों ओर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं, ताकि ईदगाह, बुर्ज और पार्किंग को आपत्तिजनक गतिविधियों से सुरक्षित रखा जा सके और इस ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
