नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जलगांव जिले के जामनेर से एक दिलचस्प मामला सामने आया है सौ साल पुरानी एक लाइब्रेरी के सचिव पर अध्यक्ष ने अचानक चोरी का आरोप लगाकर सचिव के खिलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। श्री जैन ओसवाल भागीरथीबाई वाचनालय के चेयरमैन जगन्नाथ लोखंडे ने सचिव सुरेश धारीवाल पर संस्था का प्रोसिडिंग बुक और दस्तावेज़ चुराने का संगीन आरोप लगाया है।

लंबे समय के बाद जगन्नाथ लोखंडे को सुरेश धारीवाल द्वारा संस्था की हो रही प्रताड़ना का अहसास हुआ जिसको लोखंडे ने कैमरों के सामने खुलकर ज़ाहिर किया। आर्थिक मामलों को लेकर ऑफ कैमरा कुछ किस्से भी साझा किए।
सुरेश धारीवाल ने बताया कि वाचनालय संस्था के संविधान में साफ़ शब्दों में लिखा है कि संस्था का प्रोसिडिंग बुक और गोपनीय दस्तावेज़ सुरक्षित रखने का अधिकार संस्था के सचिव को होगा। New India Times से बातचीत में धारीवाल ने कहा कि संस्था में कुल 217 वोटर है , अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। जनरल और कार्यकारी बॉडी का प्रोसिडिंग बुक मेरे पास बिल्कुल सुरक्षित है।
27 दिसंबर को जनरल बैठक रखी गई है। चैरिटी कमिश्नर , सहकार विभाग तथा सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र मे पंजीकृत तमाम स्वायत्त संस्थाओं का संचालन उस संस्था के सदस्यों द्वारा पारित किए गए संविधान से किया जाता है।
संविधान किसी भी संस्था की “आत्मा” होता है। श्री जैन ओसवाल भागीरथीबाई वाचनालय के प्रकरण में पुलिस ने संस्था के संविधान की समीक्षा किए बिना अध्यक्ष की तकरीर को आधार बनाकर सचिव पर फौजदारी केस कलमबद्ध कर ली है। तीन दशक पहले जामनेर तालुका एजुकेशन सोसाइटी पर वर्चस्व संघर्ष का केंद्र बने प्रोसिडिंग बुक ने जामनेर विधानसभा क्षेत्र की राजनीत को पूरी तरह से बदलकर रख दिया था।
