नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

सरकारी तिज़ोरी कर्ज़ में डूबी होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस बीजेपी के पूर्णकालिक प्रचारक बन चुके हैं। जलगांव जिले में बीजेपी गठबंधन के तीन कैबिनेट और एक केंद्रीय राज्य मंत्री होने के बाद भी मुख्यमंत्री को नगर परिषद जैसे लोकल बॉडी के चुनाव प्रचार में आना पड़ रहा है। भुसावल पधारे फडणवीस ने पूर्व मंत्री संजय सावकारे की बहुत सराहना करी। कहा आज तक संजय जी ने जो मांगा वो मैंने दिया है, जनवरी में दावोस से आने के बाद मैं भुसावल को एक टेक्सटाइल पार्क दूंगा। दीपनगर में 800 मेगावाट का एक और बिजली निर्माण का संयंत्र लगाया जाएगा।

महाराष्ट्र के तमाम शहरो के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच आर्थिक सहयोग को मज़बूत करने के लिए विश्व बैंक से कर्ज़ लिया जाएगा। सीएम ने बीजेपी के परिवारवाद को पार्टी की ओर से किए गए पब्लिक सर्वे रिपोर्ट से जोड़कर ख़ारिज कर दिया। फडणवीस ने जामनेर MIDC में किसी भी बड़े कारखाने का आश्वासन नहीं दिया। सीएम के संबोधन से यह प्रतीत हो रहा था कि आने वाले समय में जलगांव से एक नया चेहरा कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
नामांकन वापसी के दौरान जामनेर में बीजेपी पर गुंडागर्दी के आरोप करने वाले एन सी पी शरदचंद्र पवार के विधायक रोहित पवार द्वारा मांगे गए इस्तीफे से मंत्री गिरीश महाजन क्रोधित हो गए। महाजन ने रोहित पवार पर हमला करते कहा कि प्रिंस पोस्टल बैलेट पेपर के वोटों के कारण जीते है। महाजन ने सीएम के सामने महाविकास आघाड़ी को नई चुनौती दी है कि वो सारे मिलकर जामनेर में अपने 17 में से किसी एक प्रत्याशी की डिपॉजिट बचाकर दिखा दे। ज्ञात हो कि महाजन ने जामनेर में 27/0 का दावा किया था जिसे विपक्ष ने ब्रेक लगा दिया है।
जामनेर के मेयर पद के लिए गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन निर्विरोध चुनी जा चुकी है। जनता महाविकास आघाड़ी से सवाल पूछ रही है कि कांग्रेस के पारस ललवानी और राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार के संतोष झालटे ने साधना महाजन के ख़िलाफ़ दायर किए नामांकन वापिस क्यों ले लिए। मंच पर जलगांव बीजेपी के सभी विधायक सांसद निकाय चुनाव के मेयर प्रत्याशी मौजूद रहे।
