अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

प्रसिद्ध सूफ़ी हज़रत शोएबुल औलिया शाह यार अली बरांव शरीफ़ का सालाना उर्स और दारुल उलूम फैजुर्रसूल का दीक्षांत समारोह शुक्रवार को हर्षाेल्लास के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम की सरपरस्ती पीर अल्लामा गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी सज्जादा नशीन व नाज़िमे आला ने किया। जबकि सदारत पीर मुफ्ती मो0 आसिफ अल्वी अजहरी नायब सज्जादा नशीन व प्रबंधक दारुल उलूम व क़यादत अल्लामा अली हसन अल्वी अजहरी प्रधानाचार्य ने किया। संचालन मौलाना इश्तियाक अहमद क़ादिरी व मौलाना असगर जामेई ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नमाजे फजिर के बाद हुआ। रात्रि में नमाजे इशा के बाद दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न फैकल्टीज़ में सफल रहे 69 से अधिक छात्रों को पगड़ी पहनाई गई और सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। इस सालाना उर्स में नात व तकरीरों का कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों से आए हुए धर्मगुरुओं और विद्वानों ने हिस्सा लिया। अल्लामा गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी सज्जादा नशीन ने कहा कि शोएबुल औलिया की तालीमात ने मुहब्बत रवादारी और इंसानियत की क़द्रों को आम किया।
खानकाह फैजुर्रसूल न सिर्फ एक रूहानी मरकज के तौर पर प्रसिद्ध है बल्कि इल्म, अदब और अखलाकी तरबियत का प्लेटफार्म भी है। इसी बीच आधा दर्जन से ज्यादा पुस्तकों का पीर अल्लामा अल्वी व पीर आसिफ़ अल्वी अजहरी तथा अन्य के हाथों उर्स के शुभ अवसर पर विमोचन हुआ। सभी पुस्तकों के लेखकों को अल्लामा अल्वी ने प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। मुफ्ती मु0 आसिफ़ अल्वी अजहरी नायब सज्जादा नशीन ने लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। चार दिवसीय उर्स का समापन 21 जुलाई को होगा।

