फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

गत सप्ताह कांकरोला गांव की अम्बेडकर कॉलोनी में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ० भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में शनिवार को हुई दलित महापंचायत में उस समय हंगामा मच गया जब भीम सेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर के साथ बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने बदसलूकी की। बताया जा रहा है कि मामले में विवाद इतना बढ़ गया कि बीजेपी के कार्यकर्ता को पंचायत से दबे पांव भागना पड़ा। बीजेपी का यह कार्यकर्ता सतपाल तंवर द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करना इतना बुरा लगा कि उस बीजेपी के व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया। गांव में बाबा साहेब की धातु की प्रतिमा लगाए जाने, सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने, पार्क का निर्माण करने और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी करने से नाराज दलित समाज के ग्रामीणों ने दलित महापंचायत का आहवान किया था। सूत्रों के मुताबिक दलित समाज के लोग निगम चुनाव के बहिष्कार की घोषणा करना चाहते थे। भीम सेना और बीजेपी में मतभेद के चलते ये संभव नहीं हो सका।
मिली जानकारी के मुताबिक आसपास के गांवों के दलित समाज के लोग भी इस महापंचायत में पहुंचे थे। जैसे ही भीम सेना के प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की, वैसे ही बीजेपी के एक एससी सेल के कार्यकर्ता ने सतपाल तंवर को बीच भाषण में रोककर हंगामा करना शुरु कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान उस बीजेपी कार्यकर्ता ने हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे थाना खेड़की दौला के एसएचओ इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने पंचायत को बताया कि सरकार द्वारा 2 लाख 30 हजार रुपए की राशि पास की जा चुकी है। आने वाली 14 अप्रैल को प्रतिमा स्थापित कर दी जाएगी। इसे लेकर एसएचओ वीरेंद्र ने पंचायत के समक्ष भीम सेना चीफ सतपाल तंवर से एसडीएम की स्पीकर पर बात कराई।
मामला उस समय अधिक गरमा गया जब सतपाल तंवर ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गिरफ्तारी की मांग करने से नाराज बीजेपी की एससी सेल के एक कार्यकर्ता ने हंगामा खड़ा कर दिया। उक्त व्यक्ति का कहना था कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए, सिर्फ धातु की प्रतिमा लगाई जाने को लेकर बात की जानी चाहिए। जिससे गुस्साए ग्रामीणों और भीम सेना के भीम सैनिकों ने उक्त बीजेपी कार्यकर्ता को पंचायत से भगा दिया। मामला बढ़ता देख बीजेपी का वह कार्यकर्ता मौके से खिसक गया।
