फर्जी अस्पतालों की आड़ में नर्सिंग महाघोटाला, एनएसयूआई ने सीबीआई को  फर्जी अस्पतालों की लिस्ट सौंप कर की उच्च स्तरीय जांच की मांग | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश में फर्जी अस्पतालों की आड़ में चल रहे नर्सिंग महाघोटाले को लेकर NSUI ने बड़ा खुलासा किया है। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत सौंपकर भोपाल CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी समेत प्रदेश के अन्य जिलों के सीएमएचओ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने एवं पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

रवि परमार ने बताया कि प्रदेश में कई नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने के लिए फर्जी अस्पतालों को आधार बनाया गया, जिनमें न तो पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं थीं और न ही योग्य डॉक्टर। इसके बावजूद इन्हें सीएमएचओ की सहमति से मान्यता दी गई, जिससे प्रदेशभर में सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं।

फर्जी अस्पतालों की लिस्ट उजागर

रवि परमार ने अपनी शिकायत में अब तक बंद किए गए फर्जी अस्पतालों और उनके नर्सिंग कॉलेजों की सूची साझा की है। जिनमें VCH-Venus Nursing College, Alexis Hospital-Florence Nightingale Nursing College, New Paliwal Hospital-Jeevan Jyoti Nursing College , Katara hospital – Apex Nursing College समेत कई नाम शामिल हैं। साथ ही, वर्तमान में संचालित संदिग्ध अस्पतालों की सूची भी दी है जिनमें MEHCKO Hospital, Ganpati Hospital, Sai Hospital, Multicare Hospital , jeewan Jyoti hospital , asha multicare hospital, srijan general hospital जैसे कई नाम शामिल हैं।प्रदेश के कई अस्पतालों की सूची एवं अन्य दस्तावेज भी सीबीआई कार्यालय को सौंपा है।

CBI जांच और कठोर कार्रवाई की मांग

रवि परमार ने CBI से मांग की है कि –

1. भोपाल CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी समेत सभी दोषियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए।
2. प्रदेश में संचालित सभी फर्जी अस्पतालों की गहन जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो।
3. संदेहास्पद अस्पतालों की चिकित्सा मानकों के आधार पर पुनः जांच करवाई जाए।

छात्रों के भविष्य और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़

रवि परमार ने कहा कि यह घोटाला न केवल प्रदेश की  स्वास्थ्य सेवाओं के साथ धोखा है, बल्कि नर्सिंग छात्रों के भविष्य को भी अंधकार में धकेल रहा है। उन्होंने मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाए, ताकि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता बनी रहे। परमार ने कहा कि NSUI इस मामले को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है और दोषियों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान एनएसयूआई प्रवक्ता विराज यादव प्रदेश सह सचिव, अमन पठान, लक्की चौबे, रूपेश विश्वकर्मा, रितिक शर्मा, एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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