वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सर्प दंश व कुत्तों के काटने से होने वाली बीमारी व मौत से बचाने के लिए जिला अस्पताल द्वारा भी व्यापक प्रबन्ध किये गये हैं। सीएमएस डॉ आर.के. कोली ने बताया कि जनपद में बाढ की विभीषिका के कारण बहुत से मरीज सर्प दंश के आ रहे हैं।

शासन द्वारा बाढ़ प्रभावित ऐसे लोगों के प्राथमिक इलाज को वरीयता देने के निर्देश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा भी दिये गये हैं जिसे ध्यान में रखते हुये सर्पदंश से पीड़ित लोगों के लिए एंटी स्नैक वेनम (ए.एस.वी) इन्जेक्शन सहित अन्य दवाओं की भी व्यापक व्यवस्था की गयी है, वहीं कुत्ते काटने से पीड़ित व्यक्ति के लिए भी एंटी रेबीज इन्जेक्शन की भी व्यापक व्यवस्था है। इसके दृष्टिगत उन्होंने इर्मेजेन्सी, इर्मेजेन्सी वार्ड, डाग बाइट कक्ष और औषधि भण्डार का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं व स्टाक को देखा है। बीते एक माह में 650 एएसवी एनटी स्नैक वेनम इन्जेक्शन लगाये गये हैं, वहीं रेबीज से बचाव के लिए 383 लोगों को डोज लगायी गयी है। साथ ही उन्होनें बताया कि बाढ़ प्रभावित मरीजों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को दिये गये हैं।
