मीठे पानी के नाम पर प्रदूषित पानी महीनों से पी रही अमानगंज नगर की जनता, हो सकती है गंभीर बीमारियां | New India Times

संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

मीठे पानी के नाम पर प्रदूषित पानी महीनों से पी रही अमानगंज नगर की जनता, हो सकती है गंभीर बीमारियां | New India Times

मध्य प्रदेश राज्य शासन ने आम जन कल्याण हेतु पन्ना जिले के अमानगंज नगर में जल आवर्धन योजना अंतर्गत करोड़ों रुपए स्वीकृत कर उसे मीठे पानी की सौगात देकर उत्साहित और प्रोत्साहित किया था परंतु यह मीठे पानी की सौगात उसे अब एक बड़ी समस्या बन चुकी है याद हो कि यह मीठा पानी अमानगंज से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर ग्राम सिंघोरा से पाइपलाइन डालकर अमानगंज लाया गया था जो कुछ दिनों तक सही स्थिति में रहा परंतु आज इसके हालत इस तरह बिगड़े हुए हैं कि यह पानी पीकर आम जनमानस सुरक्षित नहीं रह सकता शारीरिक और मानसिक रोगों में उलझ सकता है। इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह है साथ ही स्थानीय प्रशासन के जन प्रतिनिधि सारी व्यवस्था अवस्था से परिचित हैं बावजूद इसके सुधार में एक भी कदम उठाने को तैयार नहीं देखे जा रहे हैं।

मीठे पानी के नाम पर प्रदूषित पानी महीनों से पी रही अमानगंज नगर की जनता, हो सकती है गंभीर बीमारियां | New India Times

पानी पूरी तरह से पीला-पीला आ रहा है जिसमें जीवाणु और वायरस मिलने की शिकायत एक बार नहीं बल्कि अनेक बार स्थानीय जनता ने नगर निकाय अमानगंज को दी और संबंधित ठेकेदार को भी बताई। यह पानी फिल्टर होकर घर-घर जाना था जो अब नदी से सीधे उसी हालत में आ रहा है स्थानीय जनता का कहना है कि यह पानी नदी के एक गड्ढे से आता है जो पूरी तरह साफ नहीं है और ना इस पानी को साफ किया जाता है।

जब यह योजना स्वीकृत हुई जनता उत्साहित थी कि उसे मीठा और स्वच्छ जल मिलेगा और नगर वासियों ने नगर निकाय के हिसाब से पांच-पांच हजार रुपये उसकी मनमर्जी के हिसाब से अपनी कनेक्शन राशि दी साथ ही बाकायदा 200रुपये मासिक भुगतान भी कर रही है लेकिन आज जनता पूरी तरह अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है। जैसे ही बरसात चालू होगी नगर एवं क्षेत्र में जहाँ मौसमी बीमारी फैलेगी, इसी पानी में नाना प्रकार की बीमारियां शहर में फैल सकती है जिसका जवाबदार कौन होगा? स्थानीय प्रशासन? या जिला प्रशासन या प्रदेश सरकार?

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article