बुरहानपुर के सीनियर एवं हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट प्रैक्टिसिंग एडवोकेट मनोज कुमार अग्रवाल, खंडवा लोकसभा सीट से उम्मीदवार होकर अवाम के बलबूते पर करेंगे क़िस्मत आज़माई | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर के सीनियर एवं हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट प्रैक्टिसिंग एडवोकेट मनोज कुमार अग्रवाल, खंडवा लोकसभा सीट से उम्मीदवार होकर अवाम के बलबूते पर करेंगे क़िस्मत आज़माई | New India Times

लोकसभा आम निर्वाचन 2024 की घोषणा के साथ बुरहानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिसिंग एडवोकेट के साथ देश के न्यायिक इतिहास में 15 से अधिक नज़ीर अपने नाम करने वाले श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने भी इस लोकसभा चुनाव में जिले की आवाम के बल पर आगामी लोकसभा चुनाव में क़िस्मत आज़माई का फैसला किया है। गत विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा ज़ाहिर करते हुए आवाम की राय शुमारी हासिल करने का फैसला किया था। लेकिन बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र में विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों निर्मित होने के कारण मनोज कुमार अग्रवाल ने दूर अंदेशी का परिचय देते हुए उस वक्त किनारा कशी अख़्तियार कर ली थी। लोकसभा आम निर्वाचन की घोषणा के साथ उन्होंने आगामी 13 मई 2024 को खंडवा संसदीय लोकसभा क्षेत्र से सांसद का चुनाव, संवैधानिक पद में निहित अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की है। बुरहानपुर की माटी में जन्मे इस सपूत को सभी लोग भली भांति जानते और पहचानते हैं। वे अनेक सामाजिक संगठनों से जुड़े होने के साथ-साथ अनेक संस्थाओं को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ बुरहानपुर जिला न्यायालय  सहित हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में अनेक मामलों में पैरवी करने के साथ-साथ अनेक नज़ीर अपने नाम करने में सफल रहे हैं। वे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इंदौर के आजीवन सदस्य हैं।

अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल से यह पूछे जाने पर कि बुरहानपुर विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए आपने चुनाव के खर्चे में ₹ 50,000/- मात्र, अपनी तरफ से खर्च करने की इच्छा ज़ाहिर की थी, जबकि वर्तमान “सांसद” चुनाव में तो सुना है कि करोड़ों रुपए खर्च करते हैं तो अब आप ऐसी स्थिति में मात्र ₹ 50,000/- के चुनावी खर्च के भरोसे चुनाव कैसे लड़ेंगे ? तो इस प्रश्न पर अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि “मेरा चुनाव मेरे मतदाता स्वयं लड़ेंगे क्योंकि उन्हें पता है कि मैं सांसद पद का चुनाव उस पद में निहित मेरी जिम्मेदारी/कर्तव्यों को निभाने के लिए लडूंगा। पैसे कमाने के लिए नहीं। यही बात मैंने तब भी कही थी कि वकील के रूप में मेरी आमदनी मेरे और मेरे परिवार के जीवन यापन के लिए पर्याप्त है। इससे अधिक मुझे दाग लगा हुआ पैसा चाहिए भी नहीं। श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि मैं जुमला नहीं मारूंगा बल्कि साबित करूंगा कि “ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा” और मुझे नज़दीक से जानने वाले मेरे मतदाता इस बात को बखूबी जानते हैं। एक लायर के रूप में अगर मनोज अग्रवाल निर्वाचित होकर देश की संसद पहुंचते हैं तो संसद में एक (भारत निर्वाचन आयोग के मंशा के अनुरूप) एक निष्क्लंकित विधिवेत्ता के पहुंचने के साथ निसंदेह वे खंडवा बुरहानपुर सहित संपूर्ण संसदीय क्षेत्र को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं।

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