राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

कजलियों के अवसर पर श्री सिद्ध धाम महाकाली मठ का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मां महाकाली के दरबार को आकर्षक रूप से सजाया गया। महाकाली मठ में स्थित श्री महाकाली, श्री महालक्ष्मी श्री महासरस्वती जी को सुंदर वस्त्राभूषण से अलंकृत किया गया।
शाम को बुंदेलखंड का लोकनृत्य सैरों का आयोजन किया गया। जिसमें लोक नर्तकों एवं लोकगायकों की प्रस्तुति से आनंद छा गया। आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर के पुजारी पंडित विजय तिवारी ने बताया कि यहां देवी के यह तीनों स्वरूप तो बहुत समय से यहां थे। 1978 में महाकाली मठ के रूप में निर्माण कार्य कराकर यह रूप दिया गया। और आगे जाकर जीर्णोद्धार के बाद आज का यह भव्य स्वरूप है, भविष्य में मठ का और विस्तार योजना रूप में है, भगवती की आज्ञा से यह शीघ्र ही संभव होगा। श्री सिद्ध महाकाली मठ में प्रत्येक शाम को श्री सिद्ध महाकाली मठ भजन समिति के द्वारा साज बाज के साथ आरती का आयोजन किया जाता है। जिसमें धर्म प्रेमी बंधु सम्मिलित होकर धर्म लाभ अर्जित करते हैं।
