अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

आज सुबह 9वीं मोहोर्रम को झांसी के मेवतीपुरा मरहुमा सादिक़ हुसैन साहब के हुसैनी आजाखाने में एक मजालिस बरपा हुई जिसमें बेहरूनी मौलानाओं ने इमामे हुसैन की शहादत का ज़िक्र करते हुए बताया कि कर्बला की जंग सत्य और अहिंसा पर है, आज से 1400 साल पहले हज़रत हुसैन ने अपना पूरा घर अल्लाह की राह में शहीद करा दिया लेकिन यज़ीद के ग़लत कामों की बैयत नहीं की। वहीं मौला हुसैन की शहादत पर शिया समुदाए के लोगों ने कर्बला के शहीदों को मातम कर पुरसा दिया। वहीं सुख़नवर आब्दी, समर आब्दी, अनवर नक़वी, फुरकान हैदर, अता आब्दी, सुख़नवर आब्दी एवं हैदर साहब, आकिब साहब ने नौहा ख़्वानी की।

वहीं तमामी अज़दारों ने इमामे हुसैन को खिराजे अक़ीदत पेश की, वहीं आलमे मुबारक़ की भी ज़ियारत कराई गई जिसमें अकबर आब्दी, इरशाद आब्दी, सग़ीर साहब, राजू आब्दी, आरिफ़ आब्दी, आसिफ़ आब्दी, अक़ील आब्दी, अली आब्दी, अब्बास आब्दी, शाहिद आब्दी, सरकार हैदर, ताकि साहब एवं शिया धर्म गुरू आली ज़नाब सैय्यद शाने हैदर ज़ैदी साहब, मौलाना फ़रमान साहब इत्यादि मजलिस में मौजूद रहे।
वहीं औरतों के पर्दे का माक़ूल इंतेज़ाम रहा। वहीं बाद मजालिस नज़रें इमाम का भी एहतिमाम रहा।
