मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की दो नदियों पर बने पैंटून पुल को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है जिसके चलते अब कलान तहसील के लोग 100 किलोमीटर का लंबा सफर करके जिला मुख्यालय पर आ सकेंगे।
तीन मंत्री, दो राज्यसभा सदस्य तथा एक सांसद वाले इस जिले में 2009 में दो नदियों पर बना कोलाघाट पुल जो तहसील कलान के अंतर्गत तीन थाना मिर्जापुर, परौर तथा कलान के ग्रामीणों के आने जाने का एकमात्र साधन था, 2021 में इसी पुल का एक हिस्सा जमीन में धस जाने के चलते पुल टूट गया था जिससे आवागमन बंद हो गया था जिसके बाद लोग नाव के सहारे नदी पार करने लगे।
कलान तहसील के ग्रामीणों ने जलालाबाद क्षेत्र के विधायक हरी प्रकाश वर्मा से कई समूहों में मिलकर अपनी व्यथा बताई जिसके बाद विधायक के प्रयास से पैंटून पुल का निर्माण कर दिया गया जो 15 जून के बाद एहतियातन बरसात के चलते हटा दिया जाता है। इसी को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व त्रिभुवन ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि यह एक प्रक्रिया है बरसात तथा बाढ़ का दौर खत्म होने के बाद नदियों पर पैंटून पुल आवागमन के लिए बनाए जाते हैं यह अस्थाई व्यवस्था है इसी क्रम में कोलाघाट पर भी अस्थाई पैंटून पुल बनाया गया था ताकि कलान तहसील के बाशिंदों का आवागमन हो सके अब क्योंकि बरसात आने वाली है तथा बाढ़ आदि के चलते ऐहतियाती के तौर पर पुल को हटाया जा रहा है।
जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक हरि प्रकाश वर्मा ने बताया कि जो पक्का पुल 2009 में बनाया गया था वह जांच में खराब स्थिति में पाया गया है जिसमें कभी भी दुर्घटना होने का भय है इसी के चलते सरकार नहीं चाहती है कि इस पुल पर आवागमन हो ऐसी स्थिति में उन्होंने अपने प्रयास से रामगंगा तथा बहुवुल नदी पर लगभग 1800 मीटर का नया पुल बनाने का प्रस्ताव कार्य योजना में भेज दिया है।
उन्होंने कहा है कि उन्होंने कलान, मिर्जापुर तथा परौर के ग्रामीणों की व्यथा को अच्छे से समझा है और इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है ताकि वह मुख्यमंत्री से मिलकर वहां के नागरिकों की समस्याओं को रख सकें।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रतिन सिन्हा ने बताया कि कोलाघाट पुल 2009 में सेतु निगम द्वारा बनाया गया था जिसका पिलर 2021 में धस जाने के कारण पुल बैठ गया जिसके बाद हमने पैंटून पुल बनाया है इसको बरसात में हटा दिया जाता है इसी प्रक्रिया के तहत हमने पैंटून को हटाने का काम शुरू कर दिया है जिसमें 15 से 20 दिन लगेंगे।
नगर पंचायत चेयरमैन कलान हरिनारायण गुप्ता ने बताया कि पैंटून पुल टूट जाने के बाद ग्रामीणों को मुख्यालय तक जाने के लिए चार जगह बस बदलनी पड़ती है तथा सफर भी 100 किलोमीटर का हो जाता है जबकि पैंटोन पुल के चलते यही सफर आधा रह जाता है ऐसे में न्यायालय आदि आने वाले लोगों को 4 से 5 घंटे का समय लगता है।
मिर्जापुर कस्बे के शैलेंद्र पांडे दीपक ने बताया कि पैंटोन पुल टूट जाने के बाद ग्रामीणों को मुख्यालय तक जाने के लिए कम दूरी का रास्ता केवल नाव से नदी पार करने का रह गया है जिस पर नाविक मनमाना किराया वसूलते हैं अस्थाई पैंटून पुल को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है वह नाराजगी जताते हुए कहते हैं किस जिले में तीन तीन मंत्री सांसद राज्यसभा सदस्य हो ऐसे जिले में 2021 से टूटा पड़ा पुल का निर्माण कार्य शुरू ना होना एक गंभीर बात है।
शाहजहांपुर जिला मुख्यालय से कलान कस्बा जाने के लिए कोई भी सीधी बस सेवा परिवहन निगम द्वारा नहीं शुरू की गई है जिसके चलते लोगों को चार जगह बस बदल कर जाना पड़ता है और 100 किलोमीटर का सफर 4 से 5 घंटे में खत्म होता है।
