जिम्मेदार बगैर सहमति लिए ही निजी जमीन पर जबरन निकाल रहे हैं सरकारी नाला, नहीं सुनी जा रही है फ़रियाद | New India Times

वी.के. ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

जिम्मेदार बगैर सहमति लिए ही निजी जमीन पर जबरन निकाल रहे हैं सरकारी नाला, नहीं सुनी जा रही है फ़रियाद | New India Times

पीड़ित से बगैर अनुमति लिये जबरन उसके गाटा संख्या पर सरकारी नाला निर्माण कराने की योजना जिम्मेदार बना रहे हैं। पंचायत सचिव व वीडियो नकहा व ग्राम प्रधान की इस मनमानी रवैया से परेशान पीड़ित जिला प्रशासन को लिखित शिकायत देकर अपने निजी गाटा संख्या में सरकारी नाला निर्माण कार्य रोकने के लिए गुहार लगाई है।
पीड़ित ने बताया कि वीडियो व प्रधान नियमों को दरकिनार कर सरकारी नाला हमारी जमीन पर बनाने की योजना बना रहे हैं, विरोध करने पर दबाव बनाया जा रहा है।
मामला तहसील लखीमपुर सदर क्षेत्र के भीरा घासी थाना खीरी निवासी मासूम अली पुत्र मोहय्दीन ने अपनी जमीन से सरकारी नाला निकाले जाने के विरोध में तहसील प्रशासन से लगाकर जिला प्रशासन तक लिखित शिकायत देकर नाला निर्माण कार्य को रोकने के लिए गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता मासूम का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान व खण्ड विकास अधिकारी नाला निर्माण कराने के लिए मुझ पर नाजायज दबाव बना रहे हैं। राजनैतिक दबाव के चलते ग्राम प्रधान भीरा घासी व ग्राम सचिव प्रार्थी के गाटा संख्या 748 /0.1300 हे० ग्राम भीरा घासी स्थिति जमीन में जबरदस्ती नाला का निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं। प्रार्थी मासूम ने बताया कि उक्त गाटा संख्या में पड़ोस के ही मेरे विपक्षी अखिलेश उर्फ राजू वर्मा पुत्र रामनरेश जबरन अपनी छत का पानी गिराता है जिसके संबंध में प्रार्थी ने एक दीवानी न्यायालय में वाद प्रस्तुत है जो कि विचाराधीन है।

पीड़ित के गाटा संख्या मे सरकारी नाला निर्माण कार्य रोकने की किया मांग

जिलाधिकारी खीरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित मासूम पुत्र मोहय्दीन निवासी ग्राम भीराघासी ने बताया कि ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारी व दंबग प्रधान भीराघासी अपने ऊंचे रसूख के दम पर उसके निजी गाटा संख्या 748/0.1300 में सरकारी नाला निकालने की कवायद शुरू कर दी है। पीड़ित ने जब इसका विरोध किया तो दबंग व हेकड किस्म का प्रधान शिकायतकर्ता पर तरह तरह से चुप रहने के हथकंडे अपनाते हुए जान माल की धमकी भी देता है और ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा नाला निर्माण की योजना बना भी डाली है। शिकायतकर्ता की मानें तो ऊंचे रसूखदारों की पहुंच व राजनैतिक दबाव के चलते अब उनकी निजी जमीन में जबरदस्ती नाला निकलवाने की साज़िश रची गई है।

हाकिम नहीं सुन रहे फरियाद!

पीड़ित ने बताया कि नाला निकाले जाने के विरोध में उन्होंने स्थानीय संभ्रांत लोगों और तहसील मुख्यालय से लगाकर जिला प्रशासन को भी शिकायत पत्र दिया लेकिन अभी तक कोई भी सुनवाई नहीं हो पा रही है।

इस बाबत में जब ग्राम सचिव से उक्त नाला निर्माण कार्य के मामले में जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि नाला निर्माण उच्च अधिकारियों की सहमति से बनाया जा रहा है।

इस बाबत में ग्राम सचिव भीरा घासी से उक्त मामले में जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में बड़े बड़े जिम्मेदार लगे हुए हैं वही सब करवा रहे हैं। वीडियो से लगाकर जिले के जिम्मेदार व समस्त स्टाफ मौके पर मौजूद रहा और मौका वारदात पर देखा शिकायतकर्ता ने पहले गलती किया कि ये पहले नाली निकलवा लिए अब जब वही नाली को पहले से बेहतर बनाने के लिए योजना बन रही है तो शिकायतकर्ता विरोध कर रहा है।

वहीं जब खण्ड विकास अधिकारी नकहा से उक्त मामले में जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि आप सर्वप्रथम मौके पर जाकर देखिए पूरी बात समझ में आ जाएगी, वहां 10-15 साल पहले नाली बनाई गई तब इन्होंने आपत्ति नहीं की, इस नाली में लगभग 10 घरों का पानी आता है इसलिए इस नाली को पहले से बेहतर बनाने की योजना बनाई जा रही है अब ये विरोध कर रहे हैं। फिलहाल नाली निर्माण कार्य से इनका भी फायदा है।

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