बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं ऑप्टिकल्स सेंटर, आंखों की जांच के नाम पर मरीजों से लिया जा रहा है मोटा रक़म | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं ऑप्टिकल्स सेंटर, आंखों की जांच के नाम पर मरीजों से लिया जा रहा है मोटा रक़म | New India Times

नगर गोला से लेकर अन्य कस्बों में भी बगैर रजिस्ट्रेशन के ऑप्टिकल्स सेंटर चल रहे हैं जहां मरीजों की जांच के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोला नगर में दो चार आप्टिकल्स सेंटर चश्मे की दुकान छोड़ दिए जाएं तो अन्य किसी के पास रजिस्ट्रेशन नहीं हैं। बगैर रजिस्ट्रेशन के ऑप्टिकल वर्ल्ड (प्रो.सोहेल) खुटार रोड गोला गोकरण नाथ किसके संरक्षण में चल रहा है यह आप्टिकल्स सेंटर चर्चा का विषय बना हुआ है।ऑप्टिकल्स सेंटर पर झोलाछाप डाकटर के माध्यम से जांच की जाती है। वहीं मरीजों से ऑप्टिकल सेंटरों से डॉक्टरों का मोटा कमीशन भी बंधा हुआ है। मरीज मरता तो क्या न करता। वही पर्चा बनवाई फीस अलग, अस्पताल में खुले मेडिकल की दवाइयों के कमीशन से जब पेट नही भरा तो जांच के नाम पर ऑप्टिकल्स सेंटरों से कमीशन अलग, हर तरह से आम आदमी को लाचार बनाने का काम बड़ी तेजी से किया जा रहा है। खुलेआम ऑप्टिकल्स सेंटर मानक के विपरीत होने के उपरांत स्वास्थ्य विभाग गुलाबी नोटों की आगोश में खामोशी से सोया हुआ है। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है और यह ऑप्टिकल्स सेंटर मनमानी पर मनमानी करते नजर आ रहे हैं। इससे पूर्ण रूप से इस बात को बल मिलता है कि ऐसे लोगो को किसी न किसी का संरक्षण प्राप्त है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर गणेश से वार्ता करनी चाहिए तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ इससे यह लगता है कि स्वास्थ्य विभाग भी गुलाबी नोटों के चक्कर में पड़ा हुआ है। अगर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सभी जिम्मेदार अधिकारी फंस सकते हैं लेकिन एक कहावत है कि सैंया भए कोतवाल डर काहे का अब देखना है स्वास्थ्य विभाग बगैर रजिस्ट्रेशन वाले ऑप्टिकल सेंटरों के ऊपर कार्रवाई करता है या नहीं यह भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है।

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