राजधानी भोपाल में ओडिशा रेल हादसे में मृतकों को युवा कांग्रेस मीडिया विभाग ने श्रद्धांजलि अर्पित कर रेल मंत्री से की इस्तीफे की मांग | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल में ओडिशा रेल हादसे में मृतकों को युवा कांग्रेस मीडिया विभाग ने श्रद्धांजलि अर्पित कर रेल मंत्री से की इस्तीफे की मांग | New India Times

ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसे ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक लगभग 300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1000 से ज्यादा यात्री घायल हैं। इस हादसे को लेकर युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में शनिवार को राजधानी भोपाल में ओडिशा रेल हादसे में मृतकों को श्रृद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और रेल मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रेल मंत्री से इस्तीफे की मांग की।

विवेक त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, “यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यह इस सदी का सबसे बड़ा हादसा है, लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्र सरकार ने चुप्पी साध ली है। रेल विभाग को इसकी जांच कर जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। क्या रेलवे को यात्रियों की जान की कोई अहमियत नहीं है? पहले ऐसे रेल हादसे होते थे, तो रेल मंत्री इस्तीफा देते थे, लेकिन अब इस पर कोई बात ही नहीं कर रहा। अश्विनी वैष्णव में जरा भी नैतिकता हो तो घटना की जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा सौंपे।”

राजधानी भोपाल में ओडिशा रेल हादसे में मृतकों को युवा कांग्रेस मीडिया विभाग ने श्रद्धांजलि अर्पित कर रेल मंत्री से की इस्तीफे की मांग | New India Times

त्रिपाठी ने आगे कहा, “इन 300 मौतों का जिम्मेदार कौन है? क्या इस हादसे को नहीं टाला जा सकता था? अगर ट्रेन में एंटी कॉलिजन सिस्टम (कवच) होता तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती।” त्रिपाठी ने बताया कि साल 2011-12 में मनमोहन सिंह सरकार के दौरान ट्रेन में एंटी कॉलिजन सिस्टम का परिक्षण किया गया था। इसके बाद इस टेक्नोलॉजी के तहत रेलवे लाइन को अपडेट करने का कार्य शुरू हुआ लेकिन मोदी सरकार ने महज क्रेडिट लेने के लिए इस टेक्नोलॉजी का नाम परिवर्तित कर दिया। मोदी सरकार ने उस तकनीक को “कवच” नाम देकर दोबारा परीक्षण किया लेकिन तकनीक को अपडेट करने अथवा उसे सभी जगहों पर स्थापित करने की दिशा में कोई विशेष कार्य नहीं हुआ।

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि इन मौतों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “यदि बालासोर में एंटी कॉलिजन सिस्टम कार्यरत होता तो 300 जिंदगियां बचाई जा सकती थी। हालांकि, केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के मुद्दे को पूरी तरह दरकिनार करते हुए इस सिस्टम को इंस्टॉल करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। केंद्र सरकार द्वारा जब इसका प्रचार प्रसार किया जा रहा था, तब टेलीविजन मीडिया में इस कवच को मास्टर स्ट्रोक और बड़ी क्रांति बताया जा रहा था। लेकिन इस हादसे के बाद सभी ने आश्चर्यजनक रूप से चुप्पी साध ली है। देश आज जवाब चाहता है। पीएम मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सामने आकर जनता को जवाब दें।”

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया, राजकुमार पटेल, महेंद्र सिंह चौहान, ज़िला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश चौकसे, मीडिया विभाग चैयरमैन आकाश चौहान, जिलाध्यक्ष नरेंद्र यादव, लोकेंद्र शर्मा,विरेंद्र मिश्रा, राहुल मणलोई, चेतन साहु, नरेंद्र बघेल, योगेश सराठे, रवि परमार, सोहन मेवाड़ा, धनजी गिरी, कुणाल गजभिये, राशिद खान, राहुल राठौड़, धर्मेंद्र राय मिंटू, विक्की खोंगल एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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