रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

माहे रमजान के पाक और पवित्र महीने में बड़ों के साथ साथ मासूम बच्चों ने भी रोज़ा रखा। इन बच्चों के जिंदगी का यह पहला रोजा था। तपती धूप की परवाह किए बिना नन्हे मुन्ने बच्चों ने रोजा रखा। अल्लाह और उसके रसूल की रजा हासिल करने के लिए भूख और प्यास की शिद्दत बर्दाश्त की।
झाबुआ शहर के मौलाना आजाद मार्ग रहने वाले दो छोटे मासूम बच्चे मोहम्मद अरमान 5 वर्ष और मोहम्मद अदनान 4 वर्ष दोनों भाई और इनके पिता आरिफ शेख मौलाना आजाद मार्ग हुडा ने 14 वां मझला रोजा उनके द्वारा रखा गया आज सुबह 5 सेहरी करके 14 घंटे रोजा रखा और 6.52 मिनट पर इफ्तार किया।
रमजान माह का पहला रोजा मोहम्मद अरमान 5 वर्ष उम्र और अदनान उम्र 4 वर्ष ने रोजा रखने के साथ साथ मस्जिद जाकर अपने वालिद के साथ नमाज भी अदा की। खुदा की खुशनूदी हासिल करने के लिए भीषण गर्मी में भूख और प्यास को बर्दाश्त किया पहला रोजा रखने पर घर में खुशी का माहौल रहा। पहले रोजे पर घर में खास पकवान तैयार किए गए। सरफराज ने खुदा और उसके रसूल की खुशी के लिए अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखा। ये बच्चे नमाज पढ़ने के साथ ही शाम को रोजा इफ्तार के दौरान अपने मनपसंद के लजीज खाने का मजा लिया मम्मी पापा ने भी बच्चों की पसंद का पूरा पुरा ख्याल रखा।
