पुरानी पेंशन: पटरी से उतरा प्रशासन, जलगांव के सभी सरकारी कार्यालयों में पसरा सन्नाटा | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

पुरानी पेंशन: पटरी से उतरा प्रशासन, जलगांव के सभी सरकारी कार्यालयों में पसरा सन्नाटा | New India Times

पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग को लेकर 14 मार्च से महाराष्ट्र के सभी सरकारी, निमसरकारी कर्मचारी बेमियादी कामबंद हड़ताल पर चले गए हैं। विभिन्न संगठनों की ओर से बुलाए गए इस आंदोलन में लगभग 80 फीसदी तक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है। महाराष्ट्र विधानसभा में बजट सत्र शुरू है जिसमें नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार ने कहा कि हमने सदन में सूचना का मुद्दा उपस्थित किया जिसपर चर्चा के दौरान सरकार से मांग की गई है कि OPS को लेकर सरकार अपनी भूमिका स्पष्ट करे। हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान राज्यों ने OPS लागू कर दी है तो हमें अपने राज्य में इसे लागू करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। पवार ने कहा कि 2030 के बाद पेंशन नहीं होगी तो फिर स्वाभाविक रूप से कर्मचारियों में अपने परिवार के भविष्य को लेकर चिंताएं देखी जा रही हैं।

पुरानी पेंशन: पटरी से उतरा प्रशासन, जलगांव के सभी सरकारी कार्यालयों में पसरा सन्नाटा | New India Times

विदित हो कि OROP वन रैंक वन पेंशन को लेकर संघर्ष करने वाले रिटायर्ड फौजियों को आज तक उनका हक नहीं मिल सका है। देश की शीर्ष अदालत ने इस मामले में जब केंद्र सरकार को फटकारा तब तक 26 में 4 लाख पेंशनर्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। महाराष्ट्र में हाल में संपन्न MLC चुनाव OPS के मुद्दे पर लड़े गए थे नतीजों में भाजपा को 5 में से मात्र 1 सीट मिली। आज कपास और प्याज उत्पादक किसानों की स्थिति बदतर है। बरसों पहले कपास के समर्थन मूल्य के लिए आंदोलन करने वाले संकटमोचक टाइप वाले नेताओं ने किसानों से अपना नाता तोड़ लिया है। बीते 8 महीनों में राज्य में 1201 किसानों ने आत्महत्या का रास्ता चुना है। भाजपा और देवेन्द्र फडणवीस की संलिप्तता से बनी शिंदे सरकार को लेकर जनता में नकारात्मकता की भावना है। DCM के खासमखास मंत्री महाजन के गृह नगर जामनेर में सभी कामगार संगठनों के कर्मियों ने OPS आंदोलन में शामिल होकर अपने संवैधानिक हक के प्रति जागृत होकर एकमुश्त यलगार किया है ! खबर तो यह भी है कि आने वाले कुछ दिनो मे राशन दुकानदार भी अपनी मांगो को लेकर हड़ताल पर जा सकते है।

By nit

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