नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

आज से तीन साल पहले जलगांव में हम सब ने मिलकर EVM को लेकर एक स्टैंड लिया था जिस पर वामन मेश्राम आज भी कायम हैं। 70 साल में इस देश को संविधान के तहत चलाने का काम कांग्रेस ने किया है। धर्म और राजनीति कभी भी साथ साथ नहीं चल सकते लेकिन जब भी भाजपा सत्ता में आती है तब तब हिन्दू धर्म खतरे में क्यों आ जाता है? ऐसा सवाल पूछते हुए NCP नेता संजय गरुड़ ने बीजेपी के सांप्रदायिक राजनीतिक अजेंडे पर करारा हमला किया है। जामनेर में बहुजन मुक्ति मोर्चा के ओर से आयोजित EVM भंडाफोड़ यात्रा के मंच से गरुड़ बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जामनेर के बीते नगर परिषद चुनाव में 25/0 का चमत्कार कैसे हुआ यह सब लोग जानते हैं, यह EVM मशीन का कमाल था। इन नतीजों को लेकर सबसे पहले भविष्यवाणी गिरीश महाजन ने की थी वह इस लिए क्यों की वे हैकर थे। हाल में संपन्न कसबा चुनाव के लिए जामनेर से बीजेपी के 50 लोगों की गैंग वोटरों को पैसा बांटने के लिए तैनात की गई थी बावजूद भाजपा को वहाँ कोई फायदा नहीं हुआ।
BAMCEF प्रमुख वामन मेश्राम ने अपने संबोधन में EVM भंडाफोड़ यात्रा पार्ट 2 के रूपरेखा को स्पष्ट करते बताया कि उन्होंने किस प्रकार से EVM की पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की लड़ाई लड़ी जो आज भी जारी है। मंच पर प्रतिभा उबाले, वंदना पाटील, अशोक चौधरी, डॉ प्रशांत पाटील, राजेन्द्र खरे, सुमित्र अहिरे समेत अन्य मान्यवर मौजूद रहे।
मुक्ताई नगर में मोर्चा, जामनेर में बैठक

कपास और प्याज के गिरे हुए दामों को लेकर मुक्ताई नगर NCP की ओर से एकनाथ खडसे की पुत्री रोहिणी खड़से खेवलकर के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पर किसानों ने मोर्चा निकाला। ज्ञात हो कि उक्त मसले को लेकर विधायक एकनाथ खडसे ने शिंदे फडणवीस सरकार को सदन में लगातार सवाल पूछे हैं लेकिन सरकार बात करने को तैयार नहीं है। किसानों के मसीहा गिरीश महाजन के मंत्री रहते उनका कपास की समस्या के समाधान को लेकर सरकार में कोई प्रभाव दिखाई नहीं पड़ा और ना ही नेता के तौर पर भाजपा के हित में कसबा उपचुनाव के नतीजों में कोई योगदान नजर आया। जामनेर में NCP की ओर से आगामी जिला परिषद ब्लाक स्तरीय चुनावों के लिए संजय गरुड़ के उपस्थिति में बैठक बुलाई गई जिसमें काफी उत्साह देखा गया।
