अरशद आब्दी/ रवि साहू, झांसी (यूपी), NIT;
झांसी नगर में कचरों के ढेर व गंदगी को देखकर नगर निगम के साफ-सफाई के दावे पर सवालिया निशान लग रहा है। यहां निगम के साफ-सफाई को लेकर खोखले दावे साफ नजर आ रहे हैं।
एक ओर जहां प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान चला रहे हैं वहीं दूसरी ओर झांसी नगर निगम के अधिकारी व जन प्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि साफ-सफाई पर हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि सारा रुपया साफ-सफाई पर खर्च न हो कर भ्रष्टाचार की नजर हो रहा है।
ऐसा ही मामला लक्ष्मी गेट से मंडी रोड के बीच कैलाश रेजीडेंसी के सामने का है, जहां सड़क पर कचरे का ढेर लगा रहता है, जिस कारण आने जाने वालों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह कचरा कैलाश रेजीडेंसी के अंदर से लाकर रोड पर डाल दिया जाता है। कॉलोनी के बड़े लोग अपने कॉलोनी को दो साफ रखना चाहते हैं लेकिन इन्हें आम जनता से कोई मतलब नहीं है। नगर वासियों ने झांसी जिला अधिकारी, नगर निगम के अधिकारियों से ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्या झाँसी स्मार्ट सिटी ऐसी ही बनी रहेगी?
