अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

आज विकास भवन स्थित सभागार में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद में चल रहे समस्त कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। बैठक का संचालन कर रहे अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एन के जैन ने गत माह डीएचएस में दिये गए निर्देशों पर की गयी कार्यवाही से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने कहा की प्रदेश में जनपद झांसी स्वास्थ्य विभाग की रैंकिंग में सुधार होने पर सभी को बधाई, उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर से और बेहतर बनाया जाना है। चिकित्सक समय से अस्पताल पहुंच कर मरीजों का इलाज करना सुनिश्चित करें, इसके अतिरिक्त जनपद में कोविड-19 टीकाकरण सहित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचालित हो रहा है इसके दृष्टिगत भी ग्रामीण क्षेत्र में एमओआईसी निश्चित रूप से क्षेत्र भ्रमण करना सुनिश्चित करें। जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कोविड-19 के अंतर्गत सभी सीएचसी सेंटर पर टेस्टिंग में तेजी लाई जाए प्रतिदिन अधिक से अधिक टेस्ट किए जाएं इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि समस्त सीएससी सेंटर पर कोविड-19 से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाओं कि पुनः चेकिंग करले ताकि कोई समस्या ना हो। आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनने में अनुमानित प्रगति को देखते हुये जिलाधिकारी ने संबन्धित अधिकारियों से कार्य योजना बनाकर बेहतर कार्य करने के निर्देश दिये, साथ ही शहरी क्षेत्र में कम गोल्डन कार्ड बनने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि टारगेट फिक्स करते हुए गोल्डन कार्ड बनाया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने कहा कि गोल्डन कार्ड धारकों का गंभीर बीमारी के इलाज हेतु भी व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए।उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर आयुष्मान योजना अंतर्गत चिन्हित अस्पतालों के नाम चस्पा किए जाएं ताकि व्यक्ति गंभीर बीमारी का अमुक अस्पताल में निशुल्क इलाज करा सके। जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बच्चों के नियमित टीकाकरण की समीक्षा करते हुए अनुमानित प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त की, सबसे खराब स्थिति गुरसराय/चिरगांव की होने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित एमओआईसी को कार्य में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों में जाकर यह सुनिश्चित करें कि चिकित्सक दल द्वारा बच्चों का नियमित परीक्षण कराया गया अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि जब बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा तो देश का भविष्य भी बेहतर और स्वस्थ रहेगा। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, एंबुलेंस सेवा, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति और किए गए कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी श्री जुनैद अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुधाकर पांडेय, एसीएमओ डा.एन के जैन, डॉ रवि शंकर, डॉ आरके सक्सेना, डा रमाकांत सहित समस्त एमओआईसी व अन्य चिकित्सक, विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
