अबरार अहमद खान, स्टेट ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

कोयला स्टॉक में बार-बार लग रही है आग को लेकर पूर्व इंटक प्रदेश अध्यक्ष जमशेद आलम ने छिंदवाड़ा पेंच एरिया के अधिकारियों की शिकायत पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से की है।
कोयला स्टॉक में-बार लग रही है। आग वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पेंच क्षेत्र के उरधन ओपन कास्ट माइंस में आग लगने से हजारों टन कोयला जलकर राख होने की संभावना है। बीते 1 सप्ताह में कोयला स्टॉक में लगी आग को बुझाने के लिए प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। उड़धन कोयला खदान स्टॉक में वर्तमान समय में लगभग 70 से 80 हजार टन कोयला होना बताया जा रहा है।

खबर है कि बीते 1 सप्ताह पूर्व अचानक लगी आग हजारों टन कोयला जलकर खाक होने की संभावना है। आग बुझाने के कोई प्रयास नहीं किए गए ताकि स्टॉक में लगी आग पर काबू पाया जा सके। उड़धन से प्रतिदिन 5 टन से अधिक कोयला उत्पादन किया जाता है। मामले में ध्यान देने योग्य है कि करोड़ों के घाटे में चल रहा वेकोली क्षेत्र में जहां प्रबंधन द्वारा वार्षिक घाटा कम करने के लिए प्रयास करने जैसी बात की जाती है मगर ऊंट के मुंह में जीरा साबित होता है वहीं दूसरी और प्रबंधन द्वारा खान इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों कर्मचारियों अपनी कमियां छिपाने के लिए कोयला स्टाक पर आग के नाम पर बड़ा खेल खेल लेते हैं। वहीं दूसरी ओर आग के बहाने ही अधिकारी द्वारा दिए गए टारगेट को बड़े आराम से पूरा करने का खेल खेल लिया जाता है। बताया जा रहा है कि प्रबंधन द्वारा पता है जलन प्रक्रिया के तहत स्टाक में लगी आग को बुझाने के लिए लाखों रुपए टेंडर भी किया जाता है लेकिन टेंडर की पूरी फाइल है कागजों में ही पूरी हो जाती है। सूत्रों से खबर तो यह भी की जा रहा है कि प्रबंधन जानबूझकर कोयला स्टॉक में फायर आग दर्शाकर अपने टारगेट को पूरा कर लेते हैं। जमशेद आलम ने इस मामले में जब सब एरिया प्रबंधक से चर्चा की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, एरिया का प्रभार खान प्रबंधक को सौंपा गया है। वहीं खान प्रबंधक फोन ही रिसीव नहीं करते। श्रमिक नेता अब्दुल जब्बार व पूर्व इंटक प्रदेश अध्यक्ष जमशेद आलम ने बताया कि स्टाक में लगी आग को लेकर संगठन द्वारा बीते दिनों प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया गया था लेकिन उनके द्वारा कोई प्रयास नहीं किए गए। यहां एक और राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करने का खेल खेला जा रहा है।
