अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल के रायसेन रोड स्थित एनआरआई कॉलेज के नर्सिंग छात्र छात्राओं में उस वक्त आक्रोश का माहौल पैदा हो गया जब उन्हें पता चला कि जिस कॉलेज में वह पढ़ रहे थे उसके पास मान्यता ही नहीं है। उन्हें डिग्री ही नहीं मिल सकती तो ऐसे में छात्र छात्राओं ने कॉलेज के बाहर धरने पर बैठ कर कॉलेज संचालक के खिलाफ़ कार्यवाही की मांग करने लगे। इन छात्रों के समर्थन में छात्र संगठन एनएसयूआई मेडिकल विंग की टीम भी वहां पहुंच कर
धरने में शामिल हुई। इस मैके पर एनएसयूआई मेडिकल विंग के रवि परमार ने कॉलेज संचालक के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि सैंकड़ों स्टूडेंट्स डिप्रेशन में हैं, कोई अनहोनी होती है, कोई स्टूडेंट कोई आत्मघाती कदम उठाता है तो इसके लिए एनआरआई कॉलेज प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग जिम्मेदार होंगे।
रवि परमार ने कहा कि, ‘मामा के राज में भांजे भांजियों का करियर दांव पर लगा है, लेकिन मामा कुंभकर्ण की निद्रा में हैं। मामा शिवराज बताएं कि दो साल बाद ये स्टूडेंट्स कहां जाएंगे? मुख्यमंत्री अपने बेटे को तो पढ़ने विदेश भेज दिया, लेकिन प्रदेश के बाकी स्टूडेंट्स डिग्री और शिक्षा हासिल करने के लिए जूझ रहे हैं। एनआरआई कॉलेज ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, लेकिन मामा शिवराज और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को कोई फर्क नहीं पड़ता।’
रवि परमार ने बताया कि छात्र-छात्राओं ने भोपाल देहात पुलिस थाने में शिकायत भी की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफियाओं को चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए वे स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के पहले कुछ नहीं सोचते। एनएसयूआई मेडिकल विंग चेतावनी देती है कि सरकार छात्रों को न्याय दे वरना सीएम हाउस के बाहर हम आत्मदाह करेंगे।
इस मौके पर राजवीर सिंह लक्की चौबे भव्य सक्सेना डॉ रामबाबू नागर रिषी सिंह जितेंद्र विश्वकर्मा ज़ीशान खान और सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
