नरेंद्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

18 दिसंबर को जलगांव जिले के सभी 15 तहसीलो के कुल 122 ग्राम पंचायतो के लिए वोटिंग हुई . जिसमे 421 केंद्रो पर कुल 2 लाख 15 हजार 629 मतदाताओ ने अपने मताधीकार का प्रयोग किया. 18 ग्राम पंचायते निर्विरोध चुनी जा चुकी है. मंत्री गिरीश दत्तात्रय महाजन के गृहनिर्वाचन क्षेत्र जामनेर मे 11 ग्राम पंचायतो के लिए वोट डाले गए जिसमे करमाड़ , चिंचखेड़ा बु, खादगांव , हिंगणे , मोहाड़ी , टाकली बु , पलासखेड़ा बु , कोदोली , मालदाभाड़ी , सोनारी का समावेश है . चिलगांव पंचायत निर्विरोध चुनी गई है . जामनेर मे कुल 86 फीसद वोटिंग हुआ यानी 18707 मतदाताओ ने वोट किया. कल 20 दिसंबर को मतगणना होगी . विदित हो कि पंचायतो के इतने छोटे चुनाव सैंपल मे लगभग सभी संस्थाओ पर भाजपा का परचम लहरायेगा. पैनल चाहे किसी भी पार्टी का पुरस्कृत हो , जितने के बाद वो मंत्री महाजन के बंगले का रुख करता नजर आता है . अभी तो पंचायतो के चुनावो के नतीजो के लिए जनता के चुने हुए सदस्यो द्वारा यही परंपरा गढ़ दी गई है . दूसरे दिन लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाते हुए अखबारो की सुर्खियां चिल्लाकर कहती है कि इस गांव के समग्र विकास के लिए फला फला पैनल ने थामा बीजेपी का दामन , फिर से शतप्रतिशत भाजपा , महाजन का जादू बरकरार वगैरा वगैरा . मगर बीते 30 सालो मे संबंधित गांव का विकास हुआ या नही हुआ ? अगर विकास हुआ तो भ्रष्टाचार क्यो ? हुआ , सारी की सारी सरकारी योजनाए कौन चट कर गया ? ये तमाम सवाल गायब कर दिए जाते है . खैर बड़े चुनाव सैंपल मे विपक्ष के कद्दवर नेताओ को संघर्ष के बाद अपनी अपनी पंचायतो पर सत्ता तो मिल जाती है . लेकिन पार्टी चिन्ह पर जब विधानसभा लोकसभा के लिए वोटिंग होती है तब विपक्ष की इन्ही पंचायतो से बीजेपी आगे निकल जाती है . बहरहाल जिले मे ग्राम पंचायतो के लिए चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुके है।
