उमेश चन्द्र शाहू, प्रयागराज (यूपी), NIT:

जनपद प्रयागराज के अन्तर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आखिर जांच के नाम पर लीपापोती और खानापूर्ति क्यों हो रही है?
आपको बताते चलें कि नवाबगंज थाना अंतर्गत ग्राम पीथीपुर में स्थित गौशाला में पाई गई अनियमित व्यस्था को लेकर पत्रकार द्वारा खबर को 24 नवम्बर को प्रकाशित किया गया एवं उच्च अधिकारी तक इसकी पूर्ण जानकारी से अवगत कराया गया जिसमें की उच्च अधिकारी से गौशाला की दयनीय स्थिति को बताते हुए वार्तालाप की रिकार्डिंग भी उपलब्ध है जिसके उपरांत दिनांक 10 दिसम्बर को उच्च अधिकारियों द्वारा संज्ञान में लेते हुए गौशाला की जांच के लिए पीथीपुर , माधोपुर चाधन एवं घाटमपुर , फरीदपुर और मेंडारा के ग्राम पंचायत में गौशाला की अचानक निरीक्षण किया गया !
लेकिन अधिकारियों द्वारा अचानक निरीक्षण के बावजूद भी पाई गई खामियों को नज़र अंदाज़ किया गया और अभी तक ना तो कोई कार्रवाई हुई ना ही गौशालाओं पर पशुओं के प्रति कोई सहानुभूति दिखाते हुए ठोस कदम उठाए गए !
जांच पड़ताल अधिकारी एवं ग्राम प्रधान की रजामंदी से जांच के नाम पर लीपापोती एवं खानापूर्ति किया गया !
उच्च अधिकारी एवं ग्राम प्रधान की लापरवाही से अनबोल पशुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर ग्रामीणों क्षेत्र में एक चर्चा का विषय बन चुका है ग्रामीण जनता में अनबोल पशुओं पर हो रहें अत्याचार को लेकर ग्राम पंचायत प्रधान एंव अधिकारी की लापरवाही से आक्रोश देखने को मिला!
ग्रामीण जनता का कहना है कि गौशाला में हो रही लापरवाही को अधिकारी नज़र अंदाज़ क्यों कर रहे हैं अब देखना यह है की क्या उच्च अधिकारियों द्वारा गौशालाओं पर हो रही लापरवाही को लेकर कोई ठोस कदम उठाते हुए कार्रवाई करते हैं या फिर नहीं जनता के बीच अहम सवाल
