गुमनाम शहीदों को पहचान दिलाने के लिए समाजसेवी प्रदीप गुर्जर बली ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र | New India Times

विवेक जैन, बागपत (यूपी), NIT:

गुमनाम शहीदों को पहचान दिलाने के लिए समाजसेवी प्रदीप गुर्जर बली ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र | New India Times

गुमनाम शहीद एवं गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी स्मृति न्यास के अध्यक्ष, क्रांतिकारी वंशज व प्रसिद्ध समाजसेवी प्रदीप गुर्जर बली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि गुमनाम शहीदों और गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को उनकी पहचान दिलायी जाये। बागपत के जिलाधिकारी डॉ राजकमल यादव के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे पत्र में उन्होंने कहा कि देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर हमें उन शहीदों को नहीं भूलना चाहिए जिनका बलिदान ज्ञात शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों से कम नहीं था, लेकिन उनको आज तक वह मान-सम्मान नहीं मिला जो उनको मिलना चाहिए था। 1857 की क्रांति के समय अंग्रेजों ने षड़यंत्र के तहत उस समय के इतिहास को अपने अनुसार मोड़ा और हजारों क्रांतिकारियों की शहादत और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से जुड़े तथ्यों को उस समय के विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों जैसे अखबारों, किताबों आदि पर नहीं आने दिया और ऐसे महान क्रांतिकारी लोक गाथाओं, दादा-दादी, नाना-नानी की कहानियों तक सिमट कर रह गये। प्रदीप बली ने मांग की कि सन 1857 की क्रांति से जुड़े सही तथ्यों से जनता को अवगत कराया जाये व गुमनाम शहीदों और गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के लिए एक स्मारक बनाया जाये जो देश के सभी गुमनाम शहीदों और गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित हो। साथ ही साथ उन्होंने मांग की कि जिन गुमनाम क्रांतिकारियों व शहीदों के बारे में जानकारी उपलब्ध है और उनको पहचान नहीं मिली है उनके नाम सरकारी दस्तावेजों पर लाये जाये, उनके नाम पर विभिन्न सड़कों, ईमारतों के नाम रखें जायें, सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित की जायें और हर जनपद के क्षेत्र में रहने वाले शहीदों के बारे में उस जनपद के स्कूलों में पढ़ाया जाये जिससे आने वाली पीढियां उन महान शहीदों और क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा ले सकें। प्रदीप गुर्जर बली ने मांग की कि ऐसे महान क्रांतिकारियों के वंशजों को सम्मानित किया जाये। प्रदीप गुर्जर बली ने बताया कि हमारे स्मृति न्यास द्वारा आगामी 28 दिसम्बर को अमर शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों, पूर्व सैनिकों, प्रबुद्ध हस्तियों व समाजसेवियों के सानिध्य में बिलखते बलिदान सिसकते योगदान, हम और हमारी भूमिकायें नामक संवाद गोष्ठी का विधिवत शुभारंभ बड़ौत के डाक बंगले से किया जायेगा। साथ ही साथ मेरा जनपद मेरा देश व जंग ए जंगी जनपद बागपत की शुरूआत की जायेगी। जिलाधिकारी बागपत को पत्र सौंपने वालो में न्यास के अध्यक्ष प्रदीप गुर्जर बली, पंचायती वीड़ियो प्रोग्राम के लेखक इकबाल कवि, जांबाज नीरा स्मृति अभियान के सचिव मनोज जैन खेकड़ा आदि उपस्थित थे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.