सिद्धार्थ नगर जिला के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में विवाह घर में पनाह लिए हुए तीन बाढ़ पीड़ितों की पिलर गिरने से हुई मौत | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

सिद्धार्थ नगर जिला के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में विवाह घर में पनाह लिए हुए तीन बाढ़ पीड़ितों की पिलर गिरने से हुई मौत | New India Times

जिला सिद्धार्थनगर के तहसील डुमरियागंज के ग्राम भरवठिया मुस्तहकम में बाढ़ के पानी से बचने के लिए विवाह घर में पनाह लिए लोगों के लिए यह घर मरण घर में बदल गया। आप को बता दें कि सिद्धार्थनगर जिला बाढ़ के प्रकोप को झेल रहा है। बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सिर्फ डुमरियागंज तहसील में सरकारी आंकड़े के हिसाब से 124 गांव बाढ़ से पीड़ित हैं जिस में 79 गांव मेरुंड घोषित किए जा चुके हैं। ऐसे में लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर शरण लेने को मजबूर हैं।

सिद्धार्थ नगर जिला के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में विवाह घर में पनाह लिए हुए तीन बाढ़ पीड़ितों की पिलर गिरने से हुई मौत | New India Times

इसी क्रम में कई परिवार के लोग विवाह घर में शरण लिए हुए थे कि अचानक रात में विवाह घर का पिलर सोये हुए लोगों पर गिर गया। जिसकी चपेट में राज सिंह चौहान 14 वर्षीय की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि दो सगी बहनों में रिंकू 22 वर्षीय अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई और थोड़ी देर बाद पूनम 18 साल ने भी दम तोड़ दिया। पिलर के गिरने का कारण जमीन का धसना बताया जाता है।

सिद्धार्थ नगर जिला के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में विवाह घर में पनाह लिए हुए तीन बाढ़ पीड़ितों की पिलर गिरने से हुई मौत | New India Times

जिलाधिकारी संजीव रंजन से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमने जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है जो एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी कि यह दुर्घटना कैसे हुई और मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। जब सवाल किया गया कि क्या दोषियों पर कोई करवाई होगी तो जिलाधिकारी ने कहा जांच के बाद जो दोषी होंगे उन पर करवाई की जाएगी।

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