नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

राज्य सरकार के नगर विकास मंत्रालय की ओर से जामनेर नगर परिषद को प्राप्त 1 करोड़ 60 लाख रुपए के निधी से करीब डेढ़ किमी तक कांक्रीट की सड़क बनने जा रही है. नगराध्यक्षा साधना महाजन के कर कमलों द्वारा इस प्रस्तावित सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया गया है. इसी सड़क पर श्री गोविंद महाराज देवस्थान ट्रस्ट की विस्तृत जमीन है जिसपर भविष्य में कोई जनकल्याणकारी प्रोजेक्ट साकार हो सकता है. निगम के CEO चंद्रकांत भोसले ने बताया कि प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई 12 मीटर की है जो नगर परिषद की हद तक बनाई जाएगी. भुसावल सड़क से जोड़कर आगे बनने जा रही यह सड़क पुरानी हिवरखेड़ा सड़क के नाम से जानी जाती है इस सड़क की लंबाई करीब एक या डेढ़ किमी तक होगी.
अब तक केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर दिया करोड़ों का फंड
2002 में जामनेर निगम की स्थापना के बाद तत्कालीन तथा वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारों ने विभिन्न परियोजनाओं के परिचालन के लिए कई योजनाओं के तहत जामनेर निगम को मोटामाटी 500 करोड़ से अधिक का फंड रिलीज़ किया है. शायद फंड की रकम इससे अधिक भी हो सकती है. इन 20 सालों में केंद्र और राज्य में अलग अलग दलों की सरकारें आईं और गईं, स्थानीय स्तर पर निगम में भी सत्ता परिवर्तन होता रहा वैसे सत्ता परिवर्तन जीवित लोकतंत्र की पहचान भी है बावजूद इसके निगम में सत्ता पर बिराजमान रहे दलों ने दलगत राजनीति से प्रेरित होकर पोलिटिकल अजेंडे को फिक्स कर फंड वितरण में पक्षपात के आरोप करते हुए केंद्र-राज्य की सरकारों को जनता के बीच खलनायक और खुद को नायक के रूप में पेश किया. वैसे तय पैमाने के अनुसार निगम की आय और उसके जरुरतों को देखते हुए विकास फंड रिलीज़ करने का सूचीबद्ध मैन्युअल होता है इसमें किसी नेता द्वारा विशेष प्रयासों की कोई आवश्यकता नहीं होती, इस आवश्यकता को प्रिंट मीडिया में अलग अलग शीर्षकों से क्यों लिखा जाता है इसका जवाब टैक्स पेयर्स जनता भलीभांति जानती है.
