अब्दूल वहीद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT; 
धुलिया शहर में एक बार फिर एक बदमाश युवक को गोली मारकर गला काटकर मौत के घाट उतार दिया गया है। कार सवार बदमाशो ने युवक को मंगलवार की सुबह देसी कट्टे से गोली दाग़ मार गिराया उसके बाद तेजधार हथियार से गला रेत कर हत्या की घटना को अंजाम दिया । हत्या की वजह गैंगवॉर बताया जा रहा है। पुलिस हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले कार सवार हत्यारों की तलाश मे जुट गयी है।
धुलिया में एक बार फिर गैंगवार की घटना सामने आयी है। पारोला रोड स्थित ग़ोपाल टीं हाउस होटल के सामने दिनदहाड़े होटल पर चाय पीने वाले शातिर अपराधी राफीकुद्दीन शफीकुद्दीन उर्फ गुड्या को गोली मार, तेजधार हथियार से वार कर के हत्या कर दी गई है। प्रत्यक्षदर्शियों तथा मृतक के साथी शेख फ़ारूक़ फौजी ने NIT संवाददाता को बताया है कि सुबह 6 बजे के दौरान पाप गोयर गैंग के पांच लोग इंडिका कार से चाय की दुकान पर आए और गुड्या पर देसी रिवॉल्वर से फायरिंग की, जिसमें एक गोली लगने के कारण गुड्डा ज़मीन पर गिर गया इसके बाद गोयर गैंग के सदस्यों ने तेज धार हथियार से एक के बाद एक वार गुड्डीया के जिस्म और गले पर किए गए जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक आपसी रंजिश के चलते शातिर बदमाश गुड्डीया को गोली तथा गला रेत कर हत्या करना बताया जा रहा है। मृतक पर शिर्डी, अहमद नगर, कोपरगांव, मनमाड़, धुलिया पुलिस स्टेशनों में 35 अपराधिक मामले दर्ज हैं।
घटना स्थल से मिली जानकारी के मुताबिक बदमाश इंडिका कार से आए थे। इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण मौके से अपराधियों की पहचान के सुराग मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश मे पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में पांच जांच टीमें गठित की है। इस पूरी घटना को पुलिस गैंगवार के रुप मे देख रही है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की सहायता से गुड्डीया हत्याकांड मामले के आरोपियों की सनाख्त की है। हमलावर आठ से दस अपराधी हैं। जिसमें से पांच संदिग्ध आरोपी पाप गोयर , विक्की गोयर, भद्रा उर्फ रांजेंद्र , शाम गोयर , भीमा दादू आदि है जिन की तलाश में लोकल क्राइम ब्रांच की दो टीम सिटी खोज दल की दों टीम तथा एक टीम सी एस पी की भेजी गई हैं , आज सुबह तक सभी अपराधियों को गिरफ़्तार किया जाने की संभावना है: अपर पुलिस अधीक्षक विवेक पनसारे
ज़िले का हिस्ट्रीशीटर अपराधी रफिकुद्दीन शाफिकुद्दीन उर्फ़ गुड्या जिस पर धुलिया महानगर निगम का अभिलेख जलाने का मामल कोर्ट में विचाराधीन है। कुछ समय से एक छोटे से चोर ने जिले की पुलिस दल के नाक में दम कर रखा था जिस पर चोरी लूट और अन्य संगीन मामलों में केस दर्ज थे।
- पिछले सप्ताह ही गुड्या जेल से ज़मानत पर रिहा होकर बहार आया था। वह रोजाना बुलेट पर सवार होकर नगर भ्रमण किया करता था। डेढ़ साल के अर्से के बाद होने वाले मनपा चुनाव की तैयारी भी उसने शुरू कर दी थी।
नागरिकों मे चर्चा है कि एक छोटे से अपराधी से गैंग का सरगना बनने तक गुड्या को बहुत से राजनैतिक दलों का आश्रय प्राप्त था। शहर में चर्चा है कि काटे से काटा निकालने और गुड्या के बढ़ते प्रभाव को खत्म करने के लिए गैंगवार द्वारा वर्चस्व स्थापित करने के लिए कहीं गुड्या की हत्या तो नहीं काराई गयीं है ???
