नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

31 जनवरी 2022 की सुबह जामनेर से महज डेढ़ किमी दूर बोदवड पुल के नीचे 24 साल के युवक का शव मिलता है, पहचान पत्र की बदोलत शव की पहचान शुभम माली के रूप में की जाती है जिसके बाद जामनेर पुलिस आकस्मात मृत्यु का मामला दर्ज कर एक ऐसी जांच में जुट जाती है जो अब तक किसी ठोस नतीजे पर नही पहुँच सकी है. इस पूरी जांच का दायरा मृतक के पोस्ट मार्टम रिपोर्ट और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं के तार्किकता के इर्दगिर्द सीमित हो गया है. निर्माणाधीन पुल पर लगे CCTV कैमरे के फुटेज के अलावा पुलिस के पास कोई ठोस संसाधन नहीं है जिससे कि यह साबित हो सके कि शुभम की मौत हत्या है या हादसा है या फिर कुछ और. आज पूरे 10 दिन बीत चुके हैं कोतवाली में इस मामले को लेकर अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हो सकी है और पुलिस इस मामले की जांच में नाकाम साबित होती नजर आ रही है मीडिया के कर्मी जब भी इस मामले के विषय में पुलिस से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने थाने जाते हैं तब उनको इतना कहा जाता है कि “जांच चल रही है, जैसे ही कोई सुराग मिलेगा तब उसके आधार पर उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी फाइल की जाएगी”. कुछ दिन पहले जिला पुलिस अधीक्षक डॉ प्रवीण मुंडे ने जामनेर आकर उस जगह का मुआयना किया जहां शुभम का शव पाया गया था. मुंडे ने जांच को लेकर लोकल अधिकरियों को मार्गदर्शन किया. इससे पहले 26 जनवरी 2022 गणतंत्र दिवस के दिन ही अज्ञात चोरों ने IDBI बैंक के ATM को गैस कटर से काटकर 13 लाख रुपयों की रकम लूट ली, मजे की बात यह है कि इसी दिन प्रशासन को नए पुलिस स्टेशन की सौगात दी गई. इसके ठीक तीन दिन बाद 29 जनवरी को पुराने जामनेर शहर के भीड़भाड़ वाले निवासी इलाके में स्थित मोहन भुवन नामक बंगले से 10 लाख की सेंधमारी को अज्ञातों चोरों ने अंजाम दिया. इन दोनों मामलों में अब तक किसी भी संदिग्ध या आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टी नहीं हो सकी है. जामनेर थाने के अधिकार क्षेत्र में क्राइम रेट कम आंकने की परंपरा काफी पुरानी रही है. लूटपाट जैसे अपराधों में जांच के नतीजे ठीकठाक ही रहे हैं लेकिन कुछ महीनों में आखिर ऐसा क्या हुआ है की उक्त तीनों मामलों की जांच में सफलता ने पुलिस से मुंह ही मोड़ लिया है.
