अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल के ऐतिहासिक ईदगाह को सुरक्षित एवं उसकी बदहाली को दूर करने के लिए जमीअत उलमा मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड हो या नगर निगम लगातार मांग की जा रही है पर इन विभागों की ओर से ईदगाह एवं उसकी पार्किंग की सुरक्षा के लिए कोई ठोस क़दम नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि खुद मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड औकाफ आम्मा के पदाधिकारियों द्वारा लगभग करोड़ों रुपये की आमदनी बताई जाती है जो खुशी की बात है पर इस आमदनी का एक चौथाई हिस्सा भी इन विभागों द्वारा धार्मिक विरासतों को बचाने एवं उनके संरक्षण के लिए खर्च नहीं किया जाता है। इतनी बड़ी आमदनी होने के बावजूद भोपाल का ऐतिहासिक ईदगाह बदहाली का शिकार रेह, यह सोचने का विषय है। मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने क़ोम की धार्मिक विरासतों को लावारिस छोड़ दिया है। ईदगाह और पार्किंग की सुरक्षा के लिए कोई इंतेज़ाम नही है। बाउंड्रीवाल भी जगह जगह से टूट चुकी है।

हाजी इमरान ने कहा कि मई में ईदुल फितर होगी जिसकी तैयारियों को लेकर जमीअत उलमा की टीम द्वारा आज फिर मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड का इस ओर ध्यान आकर्षित कराया गया है। उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के बार बार मांग करने के पश्चात किबला रुख दीवार का तो संरक्षण कर दिया गया पर वह भी आधा अधूरा। हाजी इमरान ने कहा कि कोरोना काल की वजह से पिछ्ले तीन ईदों से ईदगाह पर सामुहिक ईद की नमाज़ नहीं हो पा रही है। हम दुआ करते हैं कि यह कोरोना का कहर जल्द हमारे शहर व मुल्क़ से ख़त्म हो और पहले जैसी खुशाली लौट आए ताकि इस वर्ष ईदुल फितर पर ईदगाह में सामूहिक तौर पर ईद की नमाज़ अदा की जा सके। ईदगाह और उसकी पार्किंग को दुरस्त करना ज़रूरी है जिसकी ओर ध्यान देना समय की बड़ी जरूरत है। इसके लिए जमीअत उलमा की टीम हाजी मोहम्मद इमरान, हाफिज़ इस्माईल बेग, मौलाना हनीफ़ ने मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड सीईओ के कार्यलय वक़्फ़ बोर्ड में पत्र भेज कर ईदगाह भोपाल की ओर ध्यान देने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर हाजी इमरान ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा और वक़्फ़ संपत्तियों से समाज के हित कार्य होना वक़्फ़ संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की योजनाओं पर जल्द ही जमीअत उल्मा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून साहब की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की जाएगी एवं वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी एवं पूरे वर्ष वक़्फ़ संपत्तियों क़ब्रिस्तान की सुरक्षा को लेकर मुहिम चलाई जाएगी।

भोपाल की मुस्लिम कौम को ही इसके लिए चंदा करके बाउन्ड्री वाल बनाना चाहिए.. वक्फ बोर्ड से भीख नहीं मांगनी चाहिए..वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोग सिर्फ़ निगरानी चंदा बसूल करते हैं..इसके अलावा कुछ नहीं कर सकते है।