भोपाल में अब तिराहे का बदलेगा नाम!शैतानसिंह तिराहे का नाम होगा अहिल्याबाई तिराहा, लेफ्ट टर्न डिवाइडर की डिजाइन पर भी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने उठाए सवाल | New India Times

जमशेद आलम, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल में अब तिराहे का बदलेगा नाम!शैतानसिंह तिराहे का नाम होगा अहिल्याबाई तिराहा, लेफ्ट टर्न डिवाइडर की डिजाइन पर भी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने उठाए सवाल | New India Times

भोपाल में अब शाहपुरा स्थित शैतान सिंह तिराहे का नाम बदलकर अहिल्याबाई तिराहा हो सकता है। सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की मीटिंग में यह सुझाव दिया है। मीटिंग में लेफ्ट टर्न, डिवाइडर की डिजाइन को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। पार्किंग, सिग्नल, एक्सीडेंट स्पॉट जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाएं। नियम तोड़ने वाला कोई भी हो, उसे नहीं छोड़ा जाए। यह समाज की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि शहर के व्यस्ततम चौराहों एवं अन्य मार्गों पर ट्रैफिक सिग्नल, ट्रैफिक पुलिस मुस्तैदी से कार्य करे। सभी व्यस्ततम सड़कों की गुणवत्ता ठीक हो। बारिश में जर्जर हुई सड़कों की मरम्मत की जाए।

स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर की डिजाइन ठीक हो

सांसद ने कहा कि शहर में बने स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर की डिजाइन ठीक हो। कहीं-कहीं एक दम खड़े स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ती है। बीआरटीएस में आवागमन ज्यादा होने से रोड जल्दी खराब होती है। सांसद ने शैतान सिंह तिराहे को उसके मूल नाम अहिल्या बाई तिराहे का उपयोग करने का भी सुझाव दिया।

कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा, बड़ी यात्री बसों के आम रास्तों पर पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। शहर के ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस के जरूरी संसाधनों को चालानी कार्रवाई से प्राप्त राशि में से मांग का प्रस्ताव रखें। जहां भी पार्किंग स्थल बनाना प्रस्तावित हो, राजस्व विभाग सरकारी भूमि उपलब्ध होने पर आवंटित करेगा। सभी एक्सीडेंट एरिया एवं ब्लैक स्पॉट पर कारणों को पता कर दुर्घटना कम करने अथवा एक्सीडेंटल मौत रोकने के लिए कारगर कार्रवाई की जाए।

मीटिंग में ब्लैक स्पॉट, ट्रैफिक सिग्नल, स्पीड ब्रेकर, अतिक्रमण, चौराहों पर लेफ्ट टर्न, जर्जर सड़कें, डिवाइडर, पार्किंग, बस स्टैंड का आधुनिकीकरण, यात्री प्रतीक्षालय, आईटीएमएस की चालानी कार्रवाई, चौराहों, तिराहों एवं मार्गों पर बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर के कारण ट्रैफिक बाधित होने, स्ट्रीट लाइट, फ्लाई ओवर निर्माण की जरूरत, पेडेस्ट्रीयन बस-वे बनाने, अंडरपास बनाने, डिस्ट्रिक्ट अप्रैजल कमेटी, ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने एवं ऑटो रिक्शा के संचालन/अवैध संचालन आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.