वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

केंद्रीय आयुष मंत्रालय एवं अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत सूर्योपासना के महापर्व मकरसंक्रांति के अवसर पर 75 लाख सामूहिक सूर्य-नमस्कार अभ्यास कार्यक्रम के वर्चुअल उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से शारीरिक और मानसिक मजबूती प्राप्त होती है।योगेंद्र यादव ने बताया कि मन की मजबूती से ही कारगिल युद्ध की टाइगर हील को जीतने के समय वह 18 गोलियाँ खाकर भी ज़िंदा रहे।श्री यादव ने युवाओं से इस महाभियान से जुड़ने की अपील की साथ ही कारगिल युद्ध नायक दीपचंद जिन्होंने अपने दोनो पैर और एक हाथ माँ भारती को समर्पित कर दिया ,ने इस कार्यक्रम में बताया कि नियमित रूप से सूर्योदय से पहले उठने से तन और मन दोनो ठीक रहते है। महासंघ के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने बताया कि मकर संक्रान्ति से सूर्य उत्तरी गोलार्ध की ओर आना शुरू हो जाता है।अतएव इस दिन से उत्तरी गोलार्ध में रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा सर्दी की ठिठुरन कम होने लगती है। अतः मकर संक्रान्ति अन्धकार की कमी और प्रकाश की वृद्धि की शुरुआत है। योग गुरु के अनुसार समस्त जीवधारी (पशु,पक्षी व् पेड़ पौधे भी) प्रकाश चाहते हैं। संसार सुषुप्ति से जाग्रति की ओर अग्रसर होता है। प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतनता एवं कार्य शक्ति में वृद्धि होती है।ऐसे में यौगिक सूर्य-नमस्कार की क्रियाओं का प्रभाव समस्त शरीर पर पड़ता है साथ ही सूर्योपासना के लिए सूर्य-नमस्कार को ऋषि-मुनियों सबसे ज्यादा लाभदायक माना है।

Surya namaskar hamare liye bardan jesa he
Oum
Om