यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

विद्यालय विकास में एसएमसी एवं एसडीएमसी सदस्यों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका एवं जिम्मेदारी होती है। विद्यालय के विकास में विद्यालय विकास प्रबंधन समिति के माध्यम से विकास कार्यों को करवाया जाता है। स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील के साथ ही बाल अधिकारों, स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी जानकारी गांव के बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी मिल सके इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से एसएमसी और एसडीएमसी सदस्यों के लिए गैर आवासीय प्रशिक्षण दो दिवसीय शिविर तीन चरणों में आयोजित किये गए है। इसी क्रम में मनियां तहसील क्षेत्र के हिनोता चौकी स्थित उच्च माध्यमिक स्कूल में आयोजित दो दिवसीय एसएमसी व एसडीएमसी प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में पंचायत क्षेत्र के कुल 51 सदस्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षक नरेश जैन एवं भगवान सिंह मीना ने एसएमसी व एसडीएमसी के गठन, सदस्यता, कार्य प्रणाली, विद्यालय विकास में योगदान, सामुदायिक उत्तरदायित्व, सदस्यों की भूमिका की जानकारी दी।एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों को समग्र शिक्षा, बाल अधिकारी, एसएमसी गठन, बच्चों के नामांकन आदि विषयों पर परिचर्चा की। संस्थाप्रधान सुभाष मंगल ने धन्यवाद दिया। दो दिवसीय एसएमसी व एसडीएमसी प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। जिसमें दक्ष प्रशिक्षक प्रधानचार्य नरेश जैन ने द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण में एसएमसी के कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय विकास योजना के बारे जानकारी देते हुए उसके प्रारूप तैयार करने की जानकारी साझा की तथा क्रियान्विति निगरानी एवं सुधार के बारे में चर्चा कर सदस्यों को जानकारी दी। व्याख्याता भगवान सिंह मीना ने एसएमसी व एसडीएमसी के गठन, महिलाओं व विभिन्न वर्गों व समुदाय की भूमिका के बारे में बताया। प्रशिक्षण में एसएमसी सदस्य, शिक्षक मौजूद थे। मनियां तहसील के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल हिनोता चौकी में स्कूल प्रबंधन समिति का दो दिवसीय प्रशिक्षण 10 से 11 दिसम्बर तक आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ प्रधानाचार्य सुभाष मंगल ने किया। इस अवसर पर एसएमसी एवं एसडीएमसी सदस्यों सहित प्रधानाध्यापक राजेश सिकरवार, व्याख्याता विश्वनाथ शर्मा, संजय गुप्ता सहित अन्य विद्यालय स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
