राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सरकारी समर्थन मूल्य पर किसानों की धान के उपार्जन के लिए शासन द्वारा स्थापित खरीद केन्द्रों पर किसानों से जमकर ठगी की जा रही है। किसानों की उपज में कचरा बताकर उसे साफ करने के नाम पर उनसे प्रति क्विंटल दो सौ रूपये तक की मांग की जा रही है। मामले में किसानों से शिकायत प्राप्त होने के बाद क्षेत्रीय विधायक द्वारा राज्य शासन एवं प्रशासन पर किसानों का शोषण किये जाने का आरोप लगाते हुए मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
मामला देवरी कृषि मंडी परिसर स्थित समर्थन मूल्य धान खरीद केन्द्र केसली का है जहाँ विगत 3 दिवसों से अपनी धान की तौल का इंतजार कर रहे एक कृषक से धान में कचरा होने की बात कहकर सफाई के नाम पर 150 रूपये प्रति क्विंटल की मांग की गई एवं हम्माली एवं तौल के लिए भी पैसे लेने की बात की गई। सरकारी केन्द्र पर चल रही इस अंधेरगर्दी एवं खुले आम लूट खसोट के संबंध में पीड़ित विकासखण्ड के मसूरवारी निवासी कृषक अक्षय राजपूत ने बताया कि उसके द्वारा अपनी 32 क्विंटल धान के समर्थन मूल्य पर विक्रय के लिए पंजीयन कराया गया था। जिसके विक्रय के लिए उसे प्राप्त मेसेज में 7 दिसम्बर से 16 दिसम्बर के दौरान अपनी धान देवश्री प्राडूसर कंपनी केसली खरीद केन्द्र पर विक्रय कराने के लिए कहा गया था। विगत 8 दिसम्बर को वह अपनी धान लेकर खरीद केन्द्र पर आया था तब आज दिनांक तक वह तौल का इंतजार कर रहा है परंतु उसकी धान की तौल नही की गई है। शुक्रवार दोपहर को जब उसके द्वारा केन्द्र संचालक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आपकी धान में बहुत कचरा है इसकी सफाई करनी पड़ेगी जिसके लिए तुम्हे 150 रूपये प्रति क्विंटल देने होगे। उसके प्रतिवाद करने पर कि सफाई और भराई 50 रूपये प्रति क्विंटल लगती है केन्द्र संचालक का कहना था कि महंगाई बहुत बढ़ गई है डीजल पेट्रोल के दाम भी बढ़ गये है। इसलिए सफाई और पल्लेदारी के 150 रूपये प्रति क्विंटल के बिना धान की खरीदी नही होगी। मामले में अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद पीड़ित द्वारा मामले में क्षेत्रीय विधायक शिकायत की गई है। एवं मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी गई है।
धान खरीद केन्द्रों पर चल रहे अवैध उगाही के इस गोरख धंधे के संबंध में क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री हर्ष यादव का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों का शोषण कर रही है। समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र को समिति के कर्मचारी नही असामाजिक तत्वों और दलालों द्वारा चलाया जा रहा है जो किसानों के साथ गुण्डा गर्दी और खुले आम लूट कर रहे है। किसानों की लगातार शिकायते की जा रही है किसानों से हम्माली और सफाई के नाम पर 200 रूपये प्रति क्विंटल अवैध रूप से वसूले जा रहे है। प्रशासनिक अधिकारियों की जबाबदेही है कि ऐसे रसूखदार राजनैतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाये। यदि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करेगा तो इसके गंभीर परिणाम सामने आयेंगे।
जिले के आधे खरीद केन्द्र देवरी केसली विकासखण्डो में संचालित
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों द्वारा उत्पादित धान के समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए सागर जिले में प्रशासन द्वारा स्वीकृत कर आरंभ कराये गये धान खरीद केन्द्रों में से लगभग आधे खरीद केन्द्र देवरी और केसली विकासखंड में संचालित होते रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में धान के उपार्जन के लिए विगत 18 नवम्बर को जारी की गई सूची में जिले में उपार्जन के लिए कुल 23 समितियो एवं स्वसहायता समूहों को नियुक्त किया गया है। जिसमें से कुल 9 समिति और स्वसहायता समूह देवरी एवं केसली विकासखण्ड के है जो विभिन्न स्थानों पर धान का उपार्जन करते रहे हैं। पूर्व के वर्षों में देवरी एवं केसली विकासखण्डों में सरकारी समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र पर गड़बड़ी एवं बड़े आर्थिक घोटाले सामने आ चुके इसके बाद भी यहाँ लगातार बड़ी संख्या में हर वर्ष खरीद केन्द्र स्वीकृत किये जाते हैं। खरीद केन्द्रों में कई समितिया डिफाल्टर है जो सरकारी नियमों को पूरा नहीं करती इसके बाद भी राजनैतिक प्रभाव एवं अधिकारियों की अनुकंपा के चलते धड़ल्ले से हर वर्ष खरीद केन्द्रो का संचालन कर रही है।
