बोदवड़ तालुका को सूखा ग्रस्त घोषित करने व आठ दिनों में फसलों का पंचनामा करने की मांग को लेकर<br>शेतकरी संगठन ने तहसीलदार को दिया ज्ञापन | New India Times

लियाक़त शाह, भुसावल (महाराष्ट्र), NIT:

बोदवड़ तालुका को सूखा ग्रस्त घोषित करने व आठ दिनों में फसलों का पंचनामा करने की मांग को लेकर<br>शेतकरी संगठन ने तहसीलदार को दिया ज्ञापन | New India Times

भुसावल तहसील से सटे बोदवड़ तालुका में शुक्रवार को शेतकरी संगठन के पदाधिकारियों ने तहसीलदार प्रथमेश घोलप को ज्ञापन दिया जिसमे मांग की गई की गई है कि बोदवड़ तालुका को सूखा घोषित करें और आठ दिनों के भीतर फसल का पंचनामा करें. बता दें की बोदवड़ तालुका में, दो महीने से असंतोषजनक वर्षा के कारण एक बार नहीं बल्कि तीन बार बुवाई के बाद भी बारिश की कमी के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गई है. मुख्य रूप से मक्का, कपास और सोयाबीन की खेती तालुका में प्रमुख है. इसमें मक्का सूख रहा है और कपास के फूल मुरझा रहे हैं. आने वाले दिनों में किसानों को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा और खेती के काम में लगने वाले श्रमिकों को भी संकट का सामना करना पड़ेगा. तहसीलदार को ज्ञापन में कहा गया है की वह तुरंत किसानों के खेतो में जाकर फसल का निरीक्षण करना चाहिए और उसे कम से कम 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सब्सिडी देनी चाहिए. सूखा के कारण चारे का सवाल उठना लाजमी है. इसलिए रोजगार गारंटी योजना के तहत हर गांव में काम शुरू किया जाए ताकि भविष्य की चिंता बढ़ने पर बीज खाद के छिड़काव और निराई का खर्च वहन किया जा सके. बयान पर तालुका अध्यक्ष पुरुषोत्तम पाटिल, जिला उपाध्यक्ष प्रवीण मोरे, उपाध्यक्ष सतोष पाटिल और किसान राजू चौधरी लालसिग पाटिल निवृति ढोले सुनील बोदवडे, अजय पाटिल, किशोर माली, गोविंद वरदे, प्रकाश टापरे और नाना पाटिल के हस्ताक्षर हैं.

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