भोपाल के थाना गोविंदपुरा में फ़र्जी पत्रकार बता कर की गई कार्यवाही पर लगे सवालिया निशान आखिर फ़र्ज़ी पत्रकार बताने से पहले क्यों नहीं चेक किया गया उनका रजिस्ट्रेशन??? | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल के थाना गोविंदपुरा में फ़र्जी पत्रकार बता कर की गई कार्यवाही पर लगे सवालिया निशान आखिर फ़र्ज़ी पत्रकार बताने से पहले क्यों नहीं चेक किया गया उनका रजिस्ट्रेशन??? | New India Times

राजधानी भोपाल में बीते दिनों थाना गोविंदपुरा में फ़र्जी पत्रकार बता कर पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज हुऐ मामले को लेकर आज पत्रकारों की एक टीम गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को ज्ञापन सौंप कर कार्यवाही की मांग की है। दिए गऐ ज्ञापन के अनुसार 4 अगस्त की शाम लगभग 6 बजे रचना नगर निवासी अनिल भार्गव ने प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अपने घर बुलाया था। हम लोग उसके घर पहुंच कर दरवाज़े के बाहर बैठे ड्राइवर से कहा कि अनिल भार्गव जी हैं तो उनसे बोलिए कि हम आये हैं तब अनिल भार्गव ने शराब के नशे में खुद अपने आँगन में लेने आया और अपने हाल में ले गया. जब हमने कुछ प्राॅपर्टी के बारे में बताया तो उसने मना कर दिया कि में इच्छुक नहीं हूं. उन्होंने मेरे साथ गए शेरियाज़ से उसके बारे में पूछा तो शेरियाज़ ने बताया कि मैं ठेकेदारी करता हूं, तब अनिल भार्गव ने शराब के नशे में धार्मिक अपशब्द कहना शुरू कर दिया और बोला कि मुसलमान साले धोखेबाज़ होते हैं। इस पर शेरियाज़ ने उसको कहा कि ऐसा मत बोलो हम जिस काम के लिए आए हैं उस पर बात करो। उस पर मैंने भी यही बोला इतने में उसका लड़का अगया और उसने अपने हाल का गेट लगा दिया और बोला कि पुलिस को बुलाओ यह लोग अंदर कैसे घुसे हैं। इस पर हमने कहा कि हां बुलाओ दूध का दूध पानी का पानी हो जायगा। इतने में अनिल भार्गव का कोई मिलने वाला आ गया और उससे उन्होंने झूट कहा कि हम पैसे मांगने आये हैं तो उसके पड़ोसी ने पुलिस को बुलाने के लिए कहा। अनिल भार्गव ने गोविन्दपुरा थाना अध्यक्ष को काल कर पुलिस को बुला लिया। अनिल भार्गव ने कहा तुम मुझे नहीं जानते थाना अध्यक्ष से मेरी बहुत पहचान है। मुझ पर पहले से बहुत से केस चल रहे हैं। उसके बाद एसआई आर कुमरे द्वारा मोबाइल उसके घर में ही छीन लिया गया और बन्द कर दिया गया। फिर हमें थाने लाकर थाना अध्यक्ष अशोक सिंह के सामने खड़ा किया गया. जब टीआई ने हमारा काम पूछा और सबने अपने अपने बारे में बताया तो उसने कहा तुम फ़र्ज़ी पत्रकार हो में नहीं मानता तुमको तीनों पुराने भोपाल के मियां भाई हो तुम नहीं जानते यह मेरे बहुत खास दोस्त हैं और कांस्टेबल को बुलवा कर हमें हवालात में बन्द करवा दिया. थोड़ी देर बाद उसने बहार आकर हमसे कहा के कुछ दे रहे हो मामला निपटा देंगे तो हमने कहा कि हम गलत नहीं हैं हमने कुछ नहीं किया तो उसने कहा हम तुम पर अड़ीबाजी और मारपीट में जेल पंहुचा देंगे और उसने अनिल भार्गव से झूटा आवेदन थाने में बनवा कर हम अनिल भार्गव के घर जबरन घुसे और हमने अनिल भार्गव से यह कहा कि तुम्हारे यहाँ 4 करोड़ रुपये रखे हैं उस में से हमें 10 लाख दे दो नहीं तो हम इनकम टेक्स में कम्प्लेंट कर छापा पड़वा देंगे और जब अनिल भार्गव ने कहा मेरे पास 10 लाख नहीं है तो हमने कहा के 10 हज़ार दे दो और जब उसने कहा कि मेरे पास वह भी नहीं है तो उसपर शेरियाज़ ने उसको मारा और अनिल भार्गव के बेटा, बीवी के साथ गाली गलौज की, उसके ड्राइवर व पड़ोसी ने बीच बचाव कर हमें कमरे में बन्द कर पुलिस के हवाले कर दिया।

अब सवाल यह है कि
जब पत्रकारों ने मारा तो अनिल भार्गव का मेडिकल क्यों नहीं किया गया ?
वो जबरन घर में घुस कर गली गलोच कर रहे थे तो उस वक्त की अनिल भार्गव के कमरे व बाहर की CCTV फुटेज क्यों नहीं ली गई?
फ़र्ज़ी पत्रकार बताने से पहले उनका रजिस्ट्रेशन चेक क्यों नहीं किया?
बगैर जाँच के आनन फानन में FIR क्यों दर्ज की गई?

भोपाल के थाना गोविंदपुरा में फ़र्जी पत्रकार बता कर की गई कार्यवाही पर लगे सवालिया निशान आखिर फ़र्ज़ी पत्रकार बताने से पहले क्यों नहीं चेक किया गया उनका रजिस्ट्रेशन??? | New India Times
भोपाल के थाना गोविंदपुरा में फ़र्जी पत्रकार बता कर की गई कार्यवाही पर लगे सवालिया निशान आखिर फ़र्ज़ी पत्रकार बताने से पहले क्यों नहीं चेक किया गया उनका रजिस्ट्रेशन??? | New India Times

ग्रह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों को आश्वासन देकर तत्काल कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। इस मौके पर ज्ञापन देने गए मोहम्मद ओवैस सम्पादक हिन्द की स्याही के साथ सांध्य प्रकाश के हेड विष्णु जी, दैनिक पृथ्वी लहर के सम्पादक पृथ्वीराज सिंह, संजय वर्मा आईबीएन न्यूज़, संतोष चौहान साधना न्यूज़, शमीम खान, अशरफ अली, सरफ़राज़ खान, फैसल अली, राजेंद्र सिंह आदि पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

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