भैरु सिंह राजपुरोहित, बीकानेर (राजस्थान), NIT;
जब से बीकानेर नगर निगम में भाजपा के महापौर नारायण चोपड़ा बने हैं और भाजपा का बोर्ड बना है तभी से विवादों का नाता महापोर से चिपका हुआ है। विपक्ष से ज्यादा महापौर को कटघरे में हमेशा भाजपा पार्षदों ने ही खड़ा किया है। आवारा पशुओं की समस्याओं को लेकर भाजपा नेता आपस में उलझ गालीगलौज पर उतर आए।
शहर में आवारा और बेसहारा गौ वंश की समस्याओं को लेकर भाजपा के ही पार्षद भगवती प्रसाद गौड़ और श्याम सुंदर चांडक के बार बार आग्रह और मिटिंगो में लिए निर्णय के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज होकर इन दोनों पार्षदों ने 28 जून से अनशन की घोषणा कर दी है। इसी विषय को लेकर आज नगर निगम में भाजपा जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, महापौर नारायण चोपड़ा की मौजुदगी में ही पार्षद और भाजपा के नेता आपस में उलझ गए और सब मर्यादाओं को ताक पर रखकर गाली गलोच पर उतर आये। इन सब परिस्थितियों को देख बीकानेर की जनता अपने आपको ठगा सा महसूस कर रही है। लोगों का कहना है कि जिनको वोट देकर समस्याओं के निदान की जिम्मेदारीजनता जनार्दन ने सौंपी है वही जन समस्याओं को दूर करने के बजाये आप में उलझ रहे हैं जबकि जनता समस्याओं से त्रस्त है।
