अधिकारी कमचारी संयुक्त मोर्चा ने दिया अल्टीमेटम, सरकार की असंवेदनशीलता से कर्मचारियों में पनप रहा है असंतोष | New India Times

आशा रेकवार, भोपाल, NIT;       ​
अधिकारी कमचारी संयुक्त मोर्चा ने दिया अल्टीमेटम, सरकार की असंवेदनशीलता से कर्मचारियों में पनप रहा है असंतोष | New India Timesमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री की घोषणा के उपरांत भी सरकार सातवें वेतनमान की अधिसूचना जारी करने में अनावश्यक विलम्ब कर रही है। इसी कारण सरकार की नीयत पर शक होने लगा है। उक्त आरोप मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए लगाया है। 

मोर्चा के पदाधिकारियों ने सरकार पर असंवेदनशीलता एवं संवादहीनता का आरोप लगाते हुए पत्रकारों से चर्चा में कहा कि मुख्य मंत्री कर्मचारी संगठनों को मिलने का समय नही दे रहे हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों की ज्वलंत मांगें जैसे वेतन विसंगतियाॅ, अनुकम्पानियुक्ति के प्रकरणों का सरलीकरण, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समाना मंहगाई भत्ता, ग्रेड पे का सुधार सहित लगभग 71 मांगें लंबित हैं। वित्त मंत्री ने भी मांगों की पूर्ति का आश्वासन दिया, उसके उपरांत भी मांगों का निराकरण न होने से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश की सरकार की अधिकारी कर्मचारियों के कल्याण में कोई रूचि नहीं है। 

अधिकारी कर्मचारी मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की 3200, 3600 की ग्रेड पे का सुधार नहीं करने से इन कर्मचारियों के सामने सातवें वेतनमान का लाभ कैसे मिलेंगा यह प्रश्न खड़ा हो गया है। मोर्चा की मांग है कि केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ सरकार के समान इन कर्मचारियों को 4200 ग्रेड पे की मैट्रिक्स के अनुसार सातवां वेतनमान दिया जाये। अधिकारी कर्मचारी मोर्चा ने यह भी मांग की है कि प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों के साथ ही निगम मण्डल के अधिकारी कर्मचारी, पेंशनर, पंचायत, अध्यापक, शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाये। 

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