अतीश दीप॔कर, भागलपुर/पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर के ग्लोकल हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित मरीज की पत्नी से अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी द्वारा छेड़खानी का आरोप लगाए जाने पर इसे गंभीरता से लेते हुए भागलपुर की सीनियर एसपी ने जांच की सदस्यीय टीम गठन किया है। जांच टीम में शामिल सिटी एएसपी पूरन झा, भागलपुर की एएसडीएम अनु कुमारी और महिला थाना प्रभारी रीता कुमारी देर शाम ग्लोकल अस्पताल पहुंचे।
टीम ने महिला रुचि द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करते हुए अस्पताल के सीसीटीवी का सीडीआर अपने साथ ले गए साथ ही टीम अन्य लोगों से पूछ-ताछ कर आगे की जांच में जुट गई है। पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद सीनियर एसपी कर रही हैं।
आपको बता दे कि बिहार के मधुबनी निवासी रोशन व उनकी मां कुछ दिन पूर्व कोरोना से संक्रमित हुए थे। रोशन की पत्नी रुचि ने ग्लोकल अस्पताल में अपने पति के इलाज के लिए भर्ती कराया था। जहां उसका इलाज चल रहा था लेकिन इलाज के नाम पर अस्पताल में जानवरों जैसी हरकत रुचि और उसके पति के साथ की गई.

रूचि ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि ग्लोकल अस्पताल के कंपाउंडर ज्योति ने उसके कमर पर हाथ रखा और उसका दुपट्टा खींचा साथ ही आईसीयू में भर्ती उसके पति और उसकी मां को काफी तड़पाया। रुचि ने कहा कि अस्पताल कर्मियों द्वारा आंखें निकालने की भी धमकी दी गई! अस्पताल में अपने पति की बिगड़ती हालत देख रुचि ने उसे मायागंज अस्पताल लाया जहां डॉक्टरों ने उनको देखा तक नहीं! रुचि ने कहा कि आईसीयू में अपने पति को भर्ती कराया जहाँ वे गंदगी में पड़े रहे लेकिन कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आए। रुचि ने मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां से भी थक हार रुचि अपने पति और मां को राजेश्वर अस्पताल पटना ले गई, वहां भी इलाज नहीं मिलने के कारण रुचि के पति रोशन ने जिंदगी से जंग हार गया।
रुचि के दिए गए बयान के बाद यह खबर आग की लपटों की तरह पूरे देश में फैल गई। भागलपुर पुलिस महिला से कांटेक्ट करने की कोशिश कर रही है लेकिन पटना में महिला अभी अपने पति के मौत के बाद पति के श्राद्ध कर्म में व्यस्त है।
फिलहाल लगातार मीडिया में खबरों को देख एसएसपी ने भागलपुर के सिटी एएसपी को ग्लोकल अस्पताल जांच के लिए भेजा।
इस घटना की हर तरफ निंदा हो रही है। रुचि के बयान से भागलपुर समेत पूरे बिहार के लोग आक्रोशित हैं।
बहरहाल अब देखना यह है कि अगर महिला के आरोप सिद्ध हुए तो कर्मियों पर कार्रवाई होगी या फिर यहां भी खानापूर्ति होकर रह जाएगी.
