बाबा रामदेव के खिलाफ जारी हुआ अरेस्‍ट वारंट, गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का न्यायालय ने दिया आदेश | New India Times

Edited by Maqsood Ali; 

रोहतक (हरियाणा), NIT; ​बाबा रामदेव के खिलाफ जारी हुआ अरेस्‍ट वारंट, गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का न्यायालय ने दिया आदेश | New India Timesयोग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में हरियाणा के रोहतक कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने रोहतक के एसपी को निर्देश दिया है कि रामदेव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। कोर्ट ने कहा कि वह कई बार निर्देश के बाद भी अदालत में पेश नहीं हुए हैं। इस मामले में बुधवार को रोहतक कोर्ट में सुनवाई हुई थी। जब इस बार भी बाबा रामदेव कोर्ट में पेश नहीं हुए तो कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए रोहतक एसपी को निर्देश दिया कि योग गुरु बाबा रामदेव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें। ​बाबा रामदेव के खिलाफ जारी हुआ अरेस्‍ट वारंट, गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का न्यायालय ने दिया आदेश | New India Timesबता दें कि भड़काऊ भाषण देने को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा ने बाबा रामदेव के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए रोहतक कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने बाबा रामदेव के खिलाफ कई बार वारंट जारी किया, मगर वह पेश नहीं हुए। पिछली तारीख को भी कोर्ट ने पेश होने का वारंट जारी किया था।

गौरतलब है कि जाट आरक्षण आंदोलन में हिंसा के बाद रोहतक में सद्भावना सम्मेलन हुआ था। इसमें भाग लेने योग गुरु बाबा रामदेव भी पहुंचे थे। उनपर आरोप है कि उन्होंने सम्मेलन के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था। बत्रा ने आरोप लगाया है कि सम्‍मेलन में अपने भाषण में बाबा रामदेव ने कहा था कि अगर संविधान से उनके हाथ बंधे नहीं होते तो ‘भारत माता की जय’ का नारा नहीं लगाने वाले लाखों लोगों का वह सिर कलम कर देते। रामदेव का यह बयान तब सामने आया था, जब हैदराबाद स्थित एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि वह ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलेंगे। अगर उनकी गर्दन पर कोई चाकू रख दे, तब भी नहीं। महाराष्‍ट्र की रैली में दिए गए उनके इस बयान के कुछ ही दिन बाद महाराष्‍ट्र विधानसभा से ओवैसी की पार्टी के विधायक को इसीलिए निकाल दिया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने ‘भारत माता की जय’ नहीं बोला था।

By nit